बिहार पंचायती राज विभाग का नया आदेश: मोक्षधाम और मृत्यु प्रमाण पत्र पर 1 अप्रैल को बड़ी बैठक

बिहार सरकार के सात निश्चय-03 के तहत ग्राम पंचायतों में शमशान, कब्रिस्तान के रख-रखाव और मृत्यु प्रमाण पत्र पर नया निर्देश। सचिव की अध्यक्षता में 1 अप्रैल को VC बैठक।

पंचायतों की सरकारी जमीन पर बनेगा मुक्ति धाम।- फोटो : gemini

Patna - बिहार में नीतीश सरकार के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट 'सात निश्चय-03' को लेकर प्रशासनिक गलियारों में भारी हलचल है। पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को एक कड़ा निर्देश जारी किया है, जिसका सीधा संबंध ग्राम पंचायतों में अंतिम संस्कार की व्यवस्था और मृत्यु प्रमाण पत्र से है । 30 मार्च 2026 को जारी इस आधिकारिक पत्र ने पूरे विभाग में हड़कंप मचा दिया है 

'सबका सम्मान-जीवन आसान' पर कड़ा रुख

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 'सात निश्चय-03' के तहत ग्राम पंचायतों की सरकारी भूमि पर बने मोक्षधाम, शवदाह गृह, शमशान घाट और कब्रिस्तानों का संचालन और रख-रखाव अब किसी भी कीमत पर लापरवाही का शिकार नहीं होगा । विभाग का मुख्य फोकस इन स्थानों के बेहतर प्रबंधन और समय पर मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है 

1 अप्रैल को बुलाई गई 'इमरजेंसी' बैठक

इस मुद्दे पर विभागीय गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पंचायती राज विभाग के सचिव ने 1 अप्रैल 2026 को अपराह्न 03:00 बजे एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) बुलाई है । इस बैठक में सभी जिला पंचायत राज पदाधिकारियों की उपस्थिति को अनिवार्य कर दिया गया है 

अधिकारियों को मिला सख्त अल्टीमेटम

विशेष कार्य पदाधिकारी ललित राही द्वारा जारी इस पत्र में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित बैठक में अनिवार्य रूप से भाग लें । बैठक की कार्यवाही तैयार करने के लिए सहायक प्रशाखा पदाधिकारी श्री आकाश कुमार को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं 

नया सिस्टम: अब पंचायत तय करेगी व्यवस्था

सरकार का उद्देश्य है कि मृत्यु के पश्चात परिजनों को भटकना न पड़े। शमशान से लेकर कब्रिस्तान तक की व्यवस्था और सरकारी कागजी कार्यवाही यानी मृत्यु प्रमाण पत्र को पूरी तरह डिजिटल और सुलभ बनाने के लिए विभाग अब आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार है