वंचित बेटियों को मिलेगी हाई-टेक शिक्षा: मनेर के बालिका विद्यालय में श्रेई समूह ने लगाए स्मार्ट बोर्ड और इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड ने पटना के 'नई धरती' एनजीओ के साथ मिलकर मनेर स्थित सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल का आधुनिकीकरण किया है। वंचित और हाशिए पर मौजूद बालिकाओं के लिए स्मार्ट क्लास
पटना, 3 जुलाई, 2026: भारत सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और समग्र शिक्षा योजना के सपनों को साकार करने के लिए श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड (Shrei) ने एक बड़ी पहल की है। अपनी कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) गतिविधि के तहत, श्रेई समूह ने पटना के गैर-सरकारी संगठन (NGO) 'नई धरती' के साथ हाथ मिलाया है। इस अनूठी साझेदारी के जरिए मनेर (दानापुर) स्थित सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल के डिजिटल, पावर और वोकेशनल (व्यावसायिक) इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरी तरह से आधुनिकीकरण किया गया है, ताकि वंचित समाज की बेटियों को आधुनिक शिक्षा मिल सके।
हाशिए पर मौजूद बालिकाओं के लिए डिजिटल क्रांति की शुरुआत
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय लगातार देश भर के स्कूलों में इनफार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम के विस्तार पर जोर दे रहा है। श्रेई समूह का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव को गति देने के लिए सार्वजनिक-निजी सहभागिता (PPP) बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ कंपनी ने अपनी कॉर्पोरेट पूंजी का निवेश समाज के सबसे असुरक्षित बच्चों के भविष्य को संवारने में किया है। इस पहल का सीधा लाभ कूड़ा बीनने वाले, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले और मुसहर जैसे बेहद पिछड़े व हाशिए पर मौजूद समुदायों की उन बालिकाओं को मिलेगा, जिन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है।
स्कूल को मिलीं हाई-टेक सुविधाएं: जनरेटर से लेकर स्मार्ट बोर्ड तक
सिस्टर निवेदिता गर्ल्स स्कूल के निरीक्षण के दौरान श्रेई इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) एवं सीईओ हरदयाल प्रसाद ने इस आधुनिकीकरण परियोजना की आधिकारिक शुरुआत की। श्रेई समूह के इस विशेष सहयोग के तहत स्कूल को 24 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई के लिए एक भारी क्षमता का 58 KVA डीजल जनरेटर (DG) सेट दिया गया है। इसके अलावा, हाई-टेक डिजिटल क्लासरूम के लिए 75-इंच के एलजी इंटरैक्टिव स्मार्ट बोर्ड्स, स्कूल के "स्वयंसिद्धा" उत्पादन समूह के लिए ऑटोमेटेड फूड प्रोसेसिंग मशीनरी और पीने के साफ पानी के लिए इंडस्ट्रियल ग्रेड कमर्शियल वॉटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम इंस्टॉल किया गया है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से बेटियों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा
इस आधुनिकीकरण परियोजना के उद्घाटन के मौके को स्कूल की निवासी छात्राओं ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से बेहद खास बना दिया। बालिकाओं ने चित्रकला, शास्त्रीय और लोक नृत्य सहित कई अन्य विधाओं में अपनी अद्भुत और असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गौरतलब है कि 'नई धरती' संस्था साल 2011 में अपनी स्थापना के समय से ही इन बच्चियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके भीतर छिपी कलात्मक प्रतिभा और समग्र विकास को लगातार प्रोत्साहित करती आ रही है।
एमडी हरदयाल प्रसाद का बयान: "मानवीय क्षमता का निर्माण ही असली राष्ट्र-निर्माण"
इस खास अवसर पर श्रेई समूह के एमडी एवं सीईओ हरदयाल प्रसाद ने इस पहल को राष्ट्रीय एजेंडे का सीधा समर्थन बताया। उन्होंने कहा, "सरकार ने एनईपी 2020 के जरिए डिजिटल शिक्षा का जो खाका खींचा है, हम उसे मजबूत कर रहे हैं। हमने दशकों तक देश में हाईवे, पुल और पावर ग्रिड बनाए हैं, लेकिन आज हम इस स्कूल में जो तकनीक और पावर सुरक्षा दे रहे हैं, वह सीधे मानवीय क्षमता का निर्माण करेगी। यह केवल कोई दान नहीं है, बल्कि एक ऐसा आत्मनिर्भर इकोसिस्टम (पारिस्थितिकी तंत्र) बनाने का निवेश है, जहां ये बच्चियां अपनी कला, पढ़ाई और व्यावसायिक ट्रेनिंग के दम पर सम्मानजनक और स्वतंत्र आजीविका कमा सकें।"
गरीबी का चक्र तोड़कर बेटियों को आत्मनिर्भर बना रही 'नई धरती'
पूर्व बैंक प्रबंधक नंदिता बनर्जी द्वारा स्थापित 'नई धरती' संस्था वर्तमान में 100 वंचित बालिकाओं को पूरी तरह से मुफ्त शिक्षा, रहने का स्थान, भोजन, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी किट मुहैया करा रही है, ताकि उन्हें अत्यधिक गरीबी के दुष्चक्र से बाहर निकाला जा सके। इस एनजीओ की सचिव नंदिता बनर्जी ने श्रेई समूह के इस सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी बच्चियों में दुनिया जीतने का हुनर है और उन्होंने मुश्किल हालातों के बावजूद 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं पास की हैं। अब इस आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी सहयोग के बल पर ये छात्राएं पूरी दुनिया को अपनी असली क्षमता दिखा सकेंगी।