Bihar Ring Bund: गंडक की बाढ़ से मिलेगी मुक्ति? यहां बनेगा 80 KM का रिंग बांध

Bihar Ring Bund: उत्तर बिहार में हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले पश्चिम चंपारण जिले के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है।

गंडक की बाढ़ से मिलेगी मुक्ति?- फोटो : social Media

Bihar Ring Bund: उत्तर बिहार में हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले पश्चिम चंपारण जिले के लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। गंडक नदी की तबाही पर लगाम लगाने के मकसद से वाल्मीकिनगर से बेतिया के नौतन तक करीब 80 किलोमीटर लंबा रिंग बांध बनाने की योजना को बिहार सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार से राशि मिलने का इंतजार है। केंद्र से धनराशि जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। यदि परियोजना धरातल पर उतरती है, तो गंडक नदी के बाढ़ प्रभावित इलाकों को सुरक्षा देने की दिशा में यह अहम कदम साबित हो सकती है।

80 किलोमीटर के रिंग बांध से बाढ़ पर लगेगी लगाम!

केंद्रीय कोयला एवं खनन राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि रिंग बांध के निर्माण को लेकर बिहार सरकार की ओर से मंजूरी दी जा चुकी है और इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भी मिल गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार से परियोजना के लिए जल्द राशि उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

शनिवार को पश्चिम चंपारण के योगापट्टी में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राहत सामग्री वितरित करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इलाके के लोगों को हर साल बाढ़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रिंग बांध का निर्माण क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

वाल्मीकिनगर से नौतन तक सुरक्षा का खाका

भाजपा विधायक विनय बिहारी ने बताया कि प्रस्तावित रिंग बांध से वाल्मीकिनगर से बेतिया के नौतन तक लगभग 80 किलोमीटर का क्षेत्र कवर होने की उम्मीद है। गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने पर पश्चिम चंपारण के कई इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो जाता है। इससे लोगों के घर, खेती-किसानी और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है।

विधायक के मुताबिक, रिंग बांध बनने से जिले के लोगों को गंडक नदी की बाढ़ से राहत मिल सकती है। हालांकि, परियोजना से कितने गांवों को प्रत्यक्ष सुरक्षा मिलेगी और निर्माण कब तक पूरा होगा, इसे लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

बाढ़ पीड़ितों को राहत, स्थायी समाधान की उम्मीद

योगापट्टी में राहत सामग्री वितरण के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुश्किलें भी सामने आईं। हर साल बाढ़ आने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने, भोजन-पानी की व्यवस्था करने और अपनी संपत्ति व फसलों को बचाने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ती है। ऐसे में स्थानीय लोगों की निगाहें प्रस्तावित रिंग बांध परियोजना पर टिकी हैं।कार्यक्रम में लौरिया विधायक विनय बिहारी समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री ने परियोजना के लिए केंद्र से जल्द राशि उपलब्ध कराने के प्रयास की बात कही।

मंजूरी के बाद अब फंडिंग पर टिकी निगाहें

रिंग बांध के निर्माण को लेकर राज्य सरकार की मंजूरी और केंद्र को पत्र भेजे जाने की जानकारी के बाद उम्मीदें जरूर बढ़ी हैं, लेकिन निर्माण शुरू होने के लिए धनराशि जारी होना अहम चरण है। इसके बाद परियोजना की समयसीमा, निर्माण की तकनीकी रूपरेखा और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।

फिलहाल पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित लोगों को इस परियोजना से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना होगा कि केंद्र से राशि कब जारी होती है और वाल्मीकिनगर से नौतन तक प्रस्तावित 80 किलोमीटर लंबे रिंग बांध का निर्माण कब जमीन पर उतरता है।