Bihar Police: छात्र आंदोलन ने बढ़ाई सरकार की चिंता, पुलिस की छुट्टियां रद्द, वज्र वाहन-वाटर कैनन तैनात, पूरे बिहार में हाई अलर्ट, पढ़ लीजिए आदेश

लगातार भड़कते हालात को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। पुलिस महानिदेशक की मंजूरी के बाद जारी आदेश में 24 जुलाई 2026 से अगले आदेश तक सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सामान्य छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं

पुलिस की छुट्टियां रद्द- फोटो : social Media

Bihar Police: दिल्ली और  पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बिहार गुरुवार को उबाल पर रहा। लगातार भड़कते हालात को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। पुलिस महानिदेशक  की मंजूरी के बाद जारी आदेश में 24 जुलाई 2026 से अगले आदेश तक सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सामान्य छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश की अनुमति दी जाएगी। यह आदेश अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) की ओर से जारी किया गया है।18 जिलों में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। कई जगह आंदोलन ने उग्र रूप अख्तियार कर लिया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। पटना, जहानाबाद, बेगूसराय, दरभंगा और कटिहार में हालात बिगड़ने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जबकि जहानाबाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कई राउंड फायरिंग भी की गई।

बुधवार को पटना में हुए बवाल के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 58 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल बताए जा रहे 60 अन्य संदिग्धों की तस्वीरें जारी कर उनकी पहचान करने की कवायद शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि उपद्रव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पुलिस मुख्यालय ने सभी रेंज के आईजी, डीआईजी और जिलों के एसपी को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। आंदोलन, धरना-प्रदर्शन और संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस बल को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है। प्रमुख चौक-चौराहों पर फ्लैग मार्च, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा वज्र वाहन और वाटर कैनन को हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की लगातार निगरानी करने का आदेश दिया गया है, ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं, जिलों में छात्र संगठनों की गतिविधियों और प्रस्तावित कार्यक्रमों की अग्रिम सूचना जुटाने का काम तेज कर दिया गया है। बिहार में छात्र आंदोलन और पुलिस की सख्ती के बीच आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल और तेज होने के आसार हैं।

ब्यूरो रिपोर्ट