मोकामा में पानी-पानी जनता, विधायक अनंत सिंह का बयान बना सियासी बवाल, बोले- पानी क्या हम पी जाएं?

Patna News: जलजमाव की समस्या को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा, "पानी क्या हम पी जाएं? सरकार के पास पैसा नहीं है।"

Anant Singh Remark on Mokama Waterlogging Sparks Controversy

Anant Singh: लगातार बारिश और बाढ़ के कहर से पटना के मोकामा विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में जलजमाव की समस्या विकराल हो गई है। सड़कों पर जमा पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मोकामा प्रखंड के मरांची गांव में देखने को मिल रही है, जहां मुख्य सड़क करीब 100 मीटर तक घुटनों भर पानी में डूबी हुई है।

मोकामा के मरांची गांव सहित कई इलाकों में मुख्य सड़कों पर भारी जलजमाव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है।जलजमाव की समस्या को लेकर  मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा, "पानी क्या हम पी जाएं? सरकार के पास पैसा नहीं है।" उनके इस बयान के बाद इलाके में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से जलजमाव की समस्या झेल रहे हैं और उन्हें उम्मीद थी कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन इसका स्थायी समाधान निकालेंगे। लेकिन विधायक के इस बयान से लोगों में नाराजगी और निराशा देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक मरांची गांव की मुख्य सड़क पर लंबे समय से पानी जमा है। यह रास्ता केवल मरांची ही नहीं, बल्कि आसपास की दो पंचायतों के हजारों लोगों के आवागमन का प्रमुख जरिया है। सड़क पर जलभराव के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश के मौसम में यही स्थिति पैदा हो जाती है। कई जगह सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और लोगों को मजबूरी में पानी के बीच से गुजरना पड़ता है।

वहीं, विधायक के बयान को लेकर विपक्षी दलों और स्थानीय लोगों के बीच सवाल उठने लगे हैं कि आखिर जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी क्या है। दूसरी ओर, प्रशासन के सामने भी जलजमाव से निपटना बड़ी चुनौती बन गया है।मोकामा में बाढ़ और बारिश से पैदा हुए हालात ने एक बार फिर इलाके की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई और स्थायी समाधान की दिशा में उठाए जाने वाले कदमों पर है।