बिहार में डायल-112 के शानदार 4 साल,DGP विनय कुमार ने कर्मियों को किया सम्मानित,रिस्पॉन्स टाइम मात्र 10 मिनट

बिहार पुलिस की आपातकालीन सेवा ERSS डायल-112 के 4 वर्ष पूरे हो गए हैं। अब तक 60 लाख से अधिक नागरिकों को आपातकालीन सहायता दी जा चुकी है। भविष्य में इसे AI तकनीक, बॉडी वॉर्म कैमरा और ओला-उबर इंटीग्रेशन के साथ 'नेक्स्ट जेनरेशन' सिस्टम बनाया जाएगा।

बिहार में डायल-112 के शानदार 4 साल,DGP विनय कुमार ने कर्मियों को किया सम्मानित- फोटो : Reporter

बिहार में आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ करने वाली 'आपात अनुक्रिया सहयोग प्रणाली' (ERSS) डायल-112 ने अपने सफल 4 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस ऐतिहासिक अवसर पर 6 जुलाई 2026 को पुलिस मुख्यालय के सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसके मुख्य अतिथि बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री विनय कुमार थे। कार्यक्रम में विशेष शाखा के महानिदेशक श्री कुंदन कृष्णन सहित कई वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारी उपस्थित रहे। डीजीपी ने डायल-112 के औसतन 10 मिनट के बेहतरीन रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया।

60 लाख से अधिक नागरिकों को मिली आपातकालीन सहायता

बिहार पुलिस की इस एकल हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से पिछले 4 वर्षों में प्रदेश भर के 60 लाख से अधिक नागरिकों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस सेवा के तहत वर्तमान में 1833 आपातकालीन अनुक्रिया वाहनों (ERVs) के जरिए प्रतिदिन औसतन 7500 नागरिकों को पुलिस, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, हाईवे पेट्रोलिंग और महिला व बाल हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10% से अधिक की बढ़ोतरी को दर्शाता है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक घरेलू हिंसा व महिला अपराध के 5.29 लाख से अधिक मामलों, स्थानीय विवादों के 35.32 लाख से अधिक मामलों और 2.73 लाख से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में त्वरित सहायता पहुंचाई गई है।

महिला सुरक्षा के लिए 'सुरक्षित सफर सुविधा' और हाईटेक कदम

डायल-112 के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है, जिसके तहत पटना के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में सभी कॉल टेकर्स प्रशिक्षित महिला पुलिस कर्मी हैं। महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए सितंबर 2024 से 'सुरक्षित सफर सुविधा' संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अकेले सफर करने वाली 224 से अधिक महिलाओं की गंतव्य तक सुरक्षित निगरानी की जा चुकी है। भविष्य में महिलाओं के लिए मूवमेंट ट्रैकिंग और हाइडआउट्स फीचर्स से लैस 'One-Click SOS App' लागू करना प्रस्तावित है, साथ ही इस प्रणाली को ओला (OLA), उबर (UBER) और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के साथ भी एकीकृत किया जाएगा।

भविष्य की योजनाएं: AI तकनीक, बॉडी वॉर्म कैमरा और गया में नया सेंटर

अपर पुलिस महानिदेशक (तकनीकी एवं वितंतु सेवाएं) श्री अमित लोढ़ा ने भविष्य की योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि डायल-112 को 'Next Generation Emergency Response System' (NGERSS) के रूप में उन्नत किया जा रहा है। इसके तहत आने वाले समय में अपराध नियंत्रण के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग कर 'Crime Hot Spot' की पहचान की जाएगी और प्रोएक्टिव पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों हेतु बॉडी वॉर्म कैमरा व वाहनों पर डैश कैमरा लगाए जाएंगे। साथ ही, पटना के अतिरिक्त गयाजी में एक 'Mirror Emergency Response Center' (MERC) की स्थापना की जाएगी ताकि आपातकालीन सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।