बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल: 152 पुलिसकर्मियों का ऐच्छिक तबादला, डीएसपी श्याम किशोर रंजन पर गिरेगी गाज

बिहार पुलिस मुख्यालय ने 152 पुलिसकर्मियों के ऐच्छिक तबादले का आदेश जारी किया है। वहीं, जांच में लापरवाही के आरोप में डीएसपी श्याम किशोर रंजन पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

बिहार पुलिस में बड़ा फेरबदल- फोटो : news 4 nation AI

बिहार पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग ने पति-पत्नी की सुविधा के आधार पर 152 पुलिसकर्मियों के ऐच्छिक स्थानांतरण (तबादले) का आदेश जारी कर दिया है। यह कदम पुलिसकर्मियों के पारिवारिक जीवन और कार्य के बीच संतुलन बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। विभाग ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है, जिससे चयनित पुलिसकर्मियों को जल्द ही नए पदस्थापन वाले जिलों में योगदान देना होगा।

तबादले के कड़े नियम और आवेदनों की अस्वीकृति

स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान समिति ने कड़े नियमों का पालन किया है। कुल आवेदनों में से 188 पुलिसकर्मियों के अनुरोध को या तो लंबित रखा गया है या उन्हें पूरी तरह अस्वीकृत कर दिया गया है। नियमों के अनुसार, वैसे आवेदनों पर विचार नहीं किया गया जिन्होंने गृह जिला या ऐसे क्षेत्र की मांग की थी जहाँ वे पहले तैनात रह चुके हैं। इसके अलावा, आवेदन के लिए न्यूनतम सेवा अवधि पांच वर्ष होना अनिवार्य रखा गया था।

डीएसपी श्याम किशोर रंजन पर विभागीय कार्यवाही

एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, गृह विभाग ने जगदीशपुर (भोजपुर) के पूर्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और वर्तमान में नालंदा में रक्षित डीएसपी श्याम किशोर रंजन के खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया है। उन पर एक कांड के अनुसंधान में घोर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप है। विभाग ने इस मामले में अनुशासनिक जांच के आदेश देते हुए आगे की प्रक्रिया तेज कर दी है।

एक पक्ष के भीतर जवाब देने का अल्टीमेटम

गृह विभाग ने डीएसपी को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह (एक पक्ष) का समय दिया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपने बचाव में लिखित बयान और साक्ष्यों की सूची प्रस्तुत करें। साथ ही, उन्हें यह भी स्पष्ट करना होगा कि वे इस मामले में साक्षात सुनवाई चाहते हैं या नहीं। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर जवाब प्राप्त नहीं होता है, तो जांच की प्रक्रिया एकपक्षीय (Ex-parte) तरीके से पूरी कर ली जाएगी।