Bihar News : पटना की सड़कों पर 'पिंक बस' की कमान संभालेंगी महिला चालक, बेली रोड पर शुरू हुआ ड्राइविंग ट्रायल का दूसरा चरण

Bihar News : पटना की सड़कों पर बहुत जल्द महिला ड्राईवर पिंक बस चलाती नजर आएगी. बेली रोड पर उनके ट्रेनिंग के दुसरे चरण की शुरुआत हो गयी है......पढ़िए आगे

Bihar News : पटना की सड़कों पर 'पिंक बस' की कमान संभालेंगी म
पिंक बस चलाएगी महिला ड्राईवर - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार की राजधानी में महिलाओं के सफर को सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए शुरू की गई 'पिंक बस' सेवा अब एक नए मुकाम पर है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) द्वारा संचालित होने वाली इन बसों की स्टीयरिंग अब जल्द ही महिला चालकों के हाथों में होगी। इसके लिए पांच महिला चालकों का प्रशिक्षण दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है, जो पिछले तीन दिनों से पटना की व्यस्त सड़कों पर बस चलाने का अभ्यास कर रही हैं।

बेली रोड पर चल रहा है व्यावहारिक प्रशिक्षण

पहले चरण की ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद पांच महिला चालकों— आरती कुमारी, रागिनी कुमारी, सरस्वती कुमारी, गायत्री कुमारी और बेबी कुमारी को पटना के मुख्य रूट 'बेली रोड' पर बस चलाने का टास्क दिया गया है। ये सभी महिला चालक हेवी मोटर व्हीकल (HMV) लाइसेंस धारक हैं और वर्तमान में कुशल प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में सड़कों पर बस की बारीकियां सीख रही हैं। अगले 15 दिनों तक इनका यह व्यावहारिक प्रशिक्षण जारी रहेगा।

कठिन परीक्षा के बाद मिलेगी जिम्मेदारी

सड़क पर 15 दिनों के अभ्यास के बाद इन महिला चालकों की ड्राइविंग स्किल की गहन जांच की जाएगी। इस परीक्षण में सफल होने के बाद ही इन्हें आधिकारिक रूप से पिंक बस चलाने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग का लक्ष्य है कि महिला चालकों को न केवल ड्राइविंग, बल्कि सड़क सुरक्षा नियमों और तकनीकी जानकारी में भी पूरी तरह निपुण बनाया जाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

औरंगाबाद में 21 अन्य महिलाएं ले रही हैं ट्रेनिंग

बीएसआरटीसी की योजना कुल 100 पिंक बसों में महिला चालकों को नियुक्त करने की है। इसी कड़ी में 21 अन्य महिला चालकों को औरंगाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च (IDR) में प्रशिक्षित किया जा रहा है। पिछले महीने पांच चालकों को वहां 14 दिनों की आवासीय ट्रेनिंग दी गई थी, जिसमें उन्हें वाहन रखरखाव, इंजन की जानकारी और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सिखाए गए थे।

आधुनिक तकनीकों से लैस है प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान महिला चालकों को केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि सिमुलेटर पर भी अभ्यास कराया गया है। इससे उन्हें रियल-टाइम ड्राइविंग का अनुभव प्राप्त हुआ है। बिहार सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी भी सशक्त हो रही है। जल्द ही पटना की सड़कों पर पिंक बसों का परिचालन पूरी तरह महिला चालकों द्वारा शुरू होने की उम्मीद है।