राजस्व विभाग में काम ने पकड़ी रफ्तार, BPSC 69वीं बैच के अधिकारियों ने संभाला मोर्चा; हजारों लंबित मामले निपटे

बिहार में जमीन से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आई है। बीपीएससी 69वीं बैच के राजस्व अधिकारियों के काम पर लौटने के साथ ही दाखिल-खारिज और परिमार्जन के हजारों लंबित मामलों का निष्पादन कर दिया गया है।

Patna -  बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में कामकाज अब पूरी गति से संचालित हो रहा है। विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 589 राजस्व अधिकारी अपनी सेवाओं में तैनात हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि बीपीएससी (BPSC) की 69वीं बैच के सभी राजस्व अधिकारी भी प्रशिक्षण और अन्य औपचारिकताओं के बाद अपने-अपने क्षेत्रों में लौट आए हैं और पूरी निष्ठा से अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं।

दाखिल-खारिज और परिमार्जन में बड़ी उपलब्धि

अधिकारियों के काम पर लौटने का सीधा सकारात्मक असर जनता से जुड़े कार्यों पर पड़ा है। विभाग ने जानकारी दी है कि 9 मार्च 2026 के बाद से अब तक रिकॉर्ड स्तर पर काम हुआ है:

  • दाखिल-खारिज (Mutation): 27,448 नए मामलों का निष्पादन किया गया।

  • परिमार्जन (Parimarjan): त्रुटि सुधार से संबंधित 99,734 मामलों का निपटारा हुआ।

  • ई-मापी (E-Mapi): डिजिटल पैमाइश के 17,354 मामलों को पूरा किया गया।

  • अंचल कार्यालयों में बढ़ी सक्रियता

  • राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को अपनी जमीन और संपत्ति से जुड़े कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सभी अंचल कार्यालयों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए आधुनिक तकनीक और अतिरिक्त मानव बल (राजस्व अधिकारियों) का उपयोग किया जा रहा है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है।

आम नागरिकों के लिए त्वरित सेवा का लक्ष्य

विभाग के अनुसार, प्राथमिकता उन मामलों को दी जा रही है जो लंबे समय से लंबित थे। 69वीं बैच के युवा अधिकारियों के आने से कार्यसंस्कृति में नया उत्साह दिखा है। ई-मापी और ऑनलाइन दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया गया है ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगे और कार्यों में देरी न हो।