भ्रष्टाचार पर डिप्टी सीएम का हथौड़ा: 6 हजार रिश्वत लेते धरे गए राजस्व अधिकारी निलंबित

उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए गोपालगंज के बरौली में तैनात राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

Patna- बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई हुई है। गोपालगंज जिले के बरौली में पदस्थापित राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को 6,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुजफ्फरपुर स्थित विशेष निगरानी न्यायालय में पेश किया गया। इस गंभीर मामले को देखते हुए विभागीय मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया है।

विभागीय नियमावली के तहत कठोर कार्रवाई

विजय कुमार सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत की गई है। विभाग को गोपालगंज समाहर्ता और निगरानी ब्यूरो से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर निलंबन का फैसला लिया गया। आदेश के अनुसार, हिरासत से मुक्त होने के बाद विजय कुमार सिंह का नया मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर निर्धारित किया गया है, जहाँ उन्हें नियमित रूप से उपस्थिति दर्ज करानी होगी।

समाहर्ता को 'प्रपत्र क' गठित करने का निर्देश

उपमुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गोपालगंज के समाहर्ता को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें आदेश दिया गया है कि आरोपी अधिकारी के विरुद्ध निर्धारित प्रपत्र (Charge sheet) में विस्तृत आरोप पत्र तैयार करें और आवश्यक साक्ष्यों के साथ इसे विभाग को जल्द से जल्द उपलब्ध कराएं। इससे अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच और कड़ी सजा की प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी।

"भ्रष्ट अधिकारियों की खैर नहीं" - विजय सिन्हा

कार्रवाई के बाद उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बिहार सरकार भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता के काम में बाधा डालने और रिश्वतखोरी में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को ईमानदारी से कार्य करने की नसीहत दी है।