हड़ताल पर अड़े राजस्व अधिकारी, एक्शन में सरकार! जब्त होंगे वाहन और डोंगल, नहीं मिलेगा वेतन

बिहार राजस्व सेवा संघ द्वारा 2 फरवरी 2026 से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल के खिलाफ राज्य सरकार ने मोर्चा खोल दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने हड़ताल को जनहित के विरुद्ध बताते हुए अंचल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है

Patna : बिहार राजस्व सेवा संघ द्वारा 2 फरवरी 2026 से घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए राज्य सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने हड़ताल के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक कार्य व्यवस्था के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

अंचल कार्यालयों में तैनात होंगे प्रभारी अधिकारी

विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिला समाहर्त्ताओं को निर्देश दिया है कि अंचल कार्यालयों के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अंचल मुख्यालय के वरीयतम हल्का कर्मचारी को प्रभारी अंचल अधिकारी (CO) का प्रभार दिया जाए। इसके अतिरिक्त BDO, RDO और DCLR को भी प्रभार सौंपा जा सकता है ताकि सोमवार और शुक्रवार को होने वाले जनता दरबार प्रभावित न हों।

डोंगल और सरकारी वाहन होंगे जब्त

हड़ताल पर जाने वाले अंचलाधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विभाग ने उनसे डिजिटल सिग्नेचर (डोंगल) और सरकारी वाहन वापस लेने का आदेश दिया है। साथ ही, अंचल कार्यालय के बक्सों और अलमारियों में रखे गए राजस्व अभिलेखों की चाबियाँ भी प्रशासन द्वारा हस्तगत की जाएंगी।

'नो वर्क नो पे' और बजट सत्र का हवाला

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हड़ताल की अवधि को 'नो वर्क नो पे' के आधार पर परिगणित किया जाएगा। चूंकि 2 फरवरी से बिहार विधानमंडलीय बजट अधिवेशन भी प्रारंभ हो रहा है और राज्य में 'ई-मापी' तथा 'परिमार्जन प्लस' जैसे महत्वपूर्ण अभियान चल रहे हैं, ऐसे में अंचल कार्यालयों का रिक्त होना जनहित में नहीं माना गया है।