Rajya Sabha Elections: राज्यसभा की सियासी जंग में गरमाया बिहार, AIMIM का तेजस्वी को साथ, मैथिली-कोमल ने विपक्ष को दिया करारा जवाब

Rajya Sabha Elections: बिहार विधानसभा परिसर में विधायक एक-एक कर पहुंच रहे हैं और मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं।

मैथिली-कोमल ने विपक्ष को दिया करारा जवाब- फोटो : reporter

Rajya Sabha Elections: बिहार की सियासत आज पूरी तरह उबाल पर है। सत्ता और विपक्ष के बीच राजनीतिक शतरंज की बिसात बिछ चुकी है और हर चाल बेहद अहम मानी जा रही है। दरअसल राज्य में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है और दोनों खेमे अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

राजधानी पटना स्थित बिहार विधानसभा परिसर में विधायक एक-एक कर पहुंच रहे हैं और मतदान की प्रक्रिया में हिस्सा ले रहे हैं। इस बीच सत्ताधारी गठबंधन और विपक्षी महागठबंधन के नेताओं के बयान सियासी माहौल को और भी गर्म कर रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी की विधायक मैथिली ठाकुर ने राज्यसभा चुनाव को लेकर कहा कि वह पहली बार इस प्रक्रिया में वोट देने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से पार्टी के भीतर लगातार बैठकें हो रही थीं ताकि मतदान के दौरान कोई गलती न हो। उनका दावा है कि एनडीए गठबंधन इस चुनाव में जीत दर्ज करेगा।

 वहीं जनता दल यूनाइटेड की विधायक कोमल सिंह ने भी भरोसा जताते हुए कहा कि एनडीए के सभी पांच उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे।

दूसरी ओर विपक्षी खेमे में भी हलचल तेज है। AIMIM के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने साफ कहा कि उनकी पार्टी नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के उम्मीदवार का समर्थन करेगी। उन्होंने विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पहले जो राजनीतिक परिस्थितियां थीं, वे अलग थीं, लेकिन अब समय बदल गया है और वे महागठबंधन का साथ देने जा रहे हैं।अख्तरुल ईमान ने तंज कसते हुए कहा कि “जब बिहार में मर्दों का प्रेग्नेंसी टेस्ट हो सकता है तो यहां कुछ भी संभव है।” उनके इस बयान ने सियासी बहस को और तेज कर दिया है।

इस बीच AIMIM के विधायक मो. तौसीफ आलम ने कहा कि राजनीति सिर्फ अंतरात्मा से नहीं, बल्कि दिमाग से चलती है। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी भाजपा के खिलाफ महागठबंधन को वोट देने आई है और भाजपा को समर्थन देने का सवाल ही नहीं उठता।

उधर बिहार सरकार के मंत्री विजेंद्र यादव भी मतदान के लिए विधानसभा पहुंचे। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत हुई, जिसके बाद दो स्टाफ ने सहारा देकर उन्हें ऊपर पहुंचाया।

कुल मिलाकर बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। सत्ता और विपक्ष दोनों ही अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन असली तस्वीर तब साफ होगी जब मतगणना के बाद यह तय होगा कि सियासी बाज़ी आखिर किसके नाम होती है।