बिहार में अनोखा लव मैरिज:स्कूल में शिक्षक-शिक्षिका को हुआ प्यार,मंदिर में रचाई शादी,परिजनों से जान का खतरा,पुलिस से गुहार

बिहार के सारण जिले में उत्क्रमित मध्य विद्यालय मौना के शिक्षक हिमांशु कुमार और शिक्षिका सरिता कुमारी ने आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया है। परिजनों से जान का खतरा बताते हुए जोड़े ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है।

स्कूल में शिक्षक-शिक्षिका को हुआ प्यार, शादी के बाद वीडियो जारी कर मांगी सुरक्षा- फोटो : Reporter

बिहार के सारण जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक ही स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक और शिक्षिका ने आपस में प्रेम विवाह कर लिया है। सारण जिला मुख्यालय स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय (यूएमवी) मौना उच्च विद्यालय में कार्यरत शिक्षक हिमांशु कुमार और शिक्षिका सरिता कुमारी का यह प्रेम प्रसंग अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। शादी के बंधन में बंधने के बाद इस शिक्षक जोड़े ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है।


आर्य समाज मंदिर में विवाह और पुलिस को सूचना

वायरल वीडियो में शिक्षक हिमांशु कुमार और उनकी पत्नी सरिता कुमारी ने अपनी शादी से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की है। उन्होंने बताया कि विगत 30 जून को दोनों ने आर्य समाज मंदिर में पूरे विधि-विधान के साथ विवाह किया था। शादी के तुरंत बाद ही उन्होंने इसकी सूचना ईमेल के माध्यम से सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और जलालपुर थाने के थानाध्यक्ष को दे दी थी। यही नहीं, अगले दिन उन्होंने डाक के जरिए विवाह के सभी कानूनी व वैध प्रमाण पत्र भी पुलिस अधिकारियों को भेज दिए थे।

परिजनों का विरोध और प्राथमिकी दर्ज होने का दावा

इस प्रेम विवाह से शिक्षिका सरिता कुमारी के परिजन नाखुश हैं। वीडियो में जोड़े ने आरोप लगाया है कि महिला के परिवार वालों ने पहले फोन पर धमकी दी थी और बाद में उनके घर पहुंचकर दोनों को जान से मारने की बात कही। शिक्षक जोड़े का दावा है कि विरोध और धमकी के बाद परिजनों ने उनके खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज करा दी है।


जान का खतरा और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की गुहार

अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित शिक्षक और शिक्षिका ने वीडियो के जरिए स्पष्ट किया है कि वे दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाया है। परिजनों से जान का खतरा होने के कारण वे वर्तमान में अपने कार्यस्थल से दूर किसी गोपनीय स्थान पर रहने को मजबूर हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि वे बिना किसी डर के अपने स्कूल लौट सकें और दोबारा बच्चों को पढ़ाना शुरू कर सकें।

रिपोर्ट - धर्मेन्द्र रस्तोगी