Bihar Storm: बिहार में तूफान का तांडव,पेड़ गिरे, पोल टूटे, दीवार ढही 9 लोगों की मौत से दहला सूबा, मुआवजे का ऐलान

Bihar Storm: भीषण आपदा में पटना में 4 और अन्य जिलों को मिलाकर कुल 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

बिहार में तूफान का तांडव, 9 लोगों की मौत- फोटो : reporter

Bihar Storm: बिहार में शुक्रवार की शाम मौसम ने ऐसा खौफनाक रूप दिखाया कि लोग सहम उठे। राजधानी पटना समेत कई जिलों में अचानक आसमान पर काले बादलों ने डेरा डाल दिया और देखते ही देखते दिन में रात जैसा मंजर बन गया। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचाई। पटना एयरपोर्ट के पास महज दो मिनट तक चले 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाले बवंडर ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया। इस भीषण आपदा में पटना में 4 और अन्य जिलों को मिलाकर कुल 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।बिहार में तूफान का तांडव में कुल 9 मौतें हुई हैं। पटना 4 लोग तो वैशाली में 2 लोग काल कवलित हुए वहीं आरा में 1 समस्तीपुर में 1 और पूर्वी चंपारण में 1 व्यक्ति के मौत की सूचना है।मुख्यमंत्री ने इस घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया है।

मौसम का कहर ऐसा था कि पटना की सड़कें मलबे और टूटे पेड़ों से पट गईं। राजवंशी नगर, गर्दनीबाग, बेली रोड, एसके पुरी, हाईकोर्ट परिसर, विकास भवन, विद्यापति मार्ग और देशरत्न मार्ग जैसे इलाकों में दर्जनों विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर सड़कों पर गिर पड़े। कई जगहों पर बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जिससे शहर की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। जानकारी के मुताबिक पटना में 40 से अधिक बिजली के पोल और करीब 15 ट्रांसफार्मर तबाह हो गए।

सबसे दर्दनाक हादसा बेली रोड पर हुआ, जहां एक पेड़ नारियल पानी बेचने वाले मो. इरफान और एक ऑटो पर गिर पड़ा। हादसे में इरफान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। गर्दनीबाग रोड नंबर-1 में भी एक विशाल पेड़ गिरने से तीन लोग उसकी चपेट में आ गए। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।

तेज तूफान का असर राजनीतिक गलियारों में भी दिखा। बीजेपी के बंगाल प्रभारी और पूर्व मंत्री मंगल पांडे के घर की बाउंड्री दीवार पेड़ गिरने से टूट गई। वहीं राजद कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कारकेड पर भी पेड़ गिर पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। हालात इतने खराब थे कि पोलो रोड से राबड़ी आवास जाने के लिए तेजस्वी यादव को बाइक का सहारा लेना पड़ा, क्योंकि सड़कें पूरी तरह जाम हो चुकी थीं।

यारपुर और विधानमंडल के बीच फ्लाईओवर पर बिजली का पोल गिरने से घंटों लंबा जाम लगा रहा। दफ्तरों से घर लौट रहे लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। गाड़ियां रेंगती नजर आईं और कई लोग बारिश में भीगते हुए किसी तरह सुरक्षित जगह तक पहुंचे। आर ब्लॉक स्थित एक पेट्रोल पंप की दीवार भी तेज हवा के दबाव में ढह गई।

पटना के अलावा समस्तीपुर, खगड़िया, मधेपुरा, सुपौल, मुजफ्फरपुर और जमुई में भी तेज हवा और झमाझम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। समस्तीपुर के मोहनपुर रोड में भारी जलजमाव हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वैशाली के बिदुपुर थाना क्षेत्र में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं पूर्वी चंपारण, आरा और समस्तीपुर में भी आकाशीय बिजली और हादसों में लोगों की जान चली गई।

दानापुर के तकियापर इलाके में पेड़ गिरने से गुड्डू और मुन्ना नाम के दो युवक घायल हो गए, जिन्हें गंभीर हालत में LNJP अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई जिलों में फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों की मेहनत पर मौसम ने पानी फेर दिया। खेतों में लगी फसलें तेज हवा और ओलों की मार से बर्बाद हो गईं।

भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेजी से सक्रिय हैं और अगले 72 घंटे बेहद संवेदनशील हो सकते हैं। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी तेज आंधी, वज्रपात और भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम में घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं पटना नगर निगम ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। नागरिकों की मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 155304 और मोबाइल नंबर 9264291339 जारी किए गए हैं, ताकि पेड़ गिरने, जलजमाव या बिजली संबंधी समस्याओं की तुरंत शिकायत की जा सके।

बिहार में मौसम का यह खौफनाक मिजाज लोगों के दिलों में डर और दहशत छोड़ गया है। हर तरफ तबाही, अफरा-तफरी और चीख-पुकार का मंजर देखने को मिला। अब लोगों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं कि आखिर मौसम का यह कहर कब थमेगा।