Bihar University Teacher Training News: NEP 2020 के तहत शिक्षकों का होगा क्षमता विकास,राजभवन की बड़ी पहल

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षकों के पेशेवर विकास और टीचिंग स्किल्स को बेहतर बनाने के लिए राजभवन ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। अब हर साल 6 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित किया जाएगा। जानिए पूरी प्रक्रिया!

बिहार के विश्वविद्यालय शिक्षकों के क्षमता विकास के लिए राजभवन की बड़ी पहल- फोटो : Reporter

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप बिहार के सभी विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों की शैक्षणिक क्षमता व दक्षता बढ़ाने के लिए बिहार लोक भवन (राजभवन) ने एक व्यापक योजना तैयार की है। राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षण कौशल को लगातार बेहतर बनाना और शिक्षकों के लिए एक व्यवस्थित व निरंतर प्रशिक्षण ढांचा तैयार करना है।


मालवीय मिशन केंद्रों के जरिए चार स्तरीय व्यवस्था

इस महत्त्वाकांक्षी योजना को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा स्थापित मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (MMTTC) के माध्यम से लागू किया जाएगा। यह केंद्र पटना विश्वविद्यालय और बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर में संचालित हैं। पूरी योजना चार स्तरों पर लागू होगी और इसकी निगरानी राजभवन की संचालन समिति करेगी। दोनों MMTTC सभी विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर महाविद्यालय स्तर तक प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे।


हर साल 6 दिवसीय FDP और 36 घंटे की अकादमिक गतिविधियां

शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय में नोडल व सहायक नोडल अधिकारी तथा कॉलेजों में प्राचार्य द्वारा समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। योजना के तहत हर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय में प्रतिवर्ष 6 दिवसीय 'फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम' (FDP) का आयोजन किया जाएगा। इसमें कुल 36 घंटे की अकादमिक गतिविधियां होंगी, जिनके विषय और पाठ्यक्रम यूजीसी के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के स्वीकृत मानकों के अनुसार तय किए गए हैं।


कार्ययोजना पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मंथन जारी

कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्यपाल के शिक्षा सलाहकार प्रो. बी. के. त्रिपाठी ने चार दिवसीय कार्ययोजना बनाई है। इसके तहत 10 से 13 अगस्त, 2026 तक सभी विश्वविद्यालयों के नोडल अधिकारियों, कॉलेज प्राचार्यों और समन्वयकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विस्तृत चर्चा की जा रही है। इन बैठकों में FDP के सफल संचालन, अकादमिक रूपरेखा, जिम्मेदारियों के बंटवारे और बेहतर अंतर-संस्थानीय समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।

पुष्कर प्रवीण की रिपोर्ट