Bihar Politics: बिहार NDA में फिर बढ़ा सियासी घमासान! निर्दलीय MLC के BJP में जाने पर JDU की नाराजगी, श्याम रजक बोले- अनैतिक और गलत; सभापति से मिलेगा जन सुराज
Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए के भीतर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है।...
Bihar Politics: बिहार की सियासत में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद एनडीए के भीतर राजनीतिक खींचतान तेज हो गई है। भाजपा और जदयू के बीच निर्दलीय विधान पार्षदों को लेकर शुरू हुई बयानबाजी अब नए विवाद का रूप लेती जा रही है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीतने वाले राहुल राज और तिरहुत स्नातक सीट से निर्वाचित बंशीधर ब्रजवासी के भाजपा में शामिल होने की खबरों ने जदयू को असहज कर दिया है। जदयू नेताओं ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाए हैं, वहीं अब जन सुराज भी इस मामले को लेकर विधान परिषद के सभापति के दरबार में पहुंचने की तैयारी में है।
उमेश कुशवाहा ने भाजपा से पूछा सवाल, निष्कासन के बाद वापसी पर उठाई आपत्ति
जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने राहुल राज की भाजपा में वापसी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को भाजपा ने छह साल के लिए निष्कासित किया था, उसे इतनी जल्दी पार्टी में दोबारा किस परिस्थिति में शामिल किया गया? भाजपा और उसके शीर्ष नेतृत्व को इस पूरे मामले पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।उनके इस बयान को एनडीए के भीतर सहयोगी दलों के बीच बढ़ते मतभेद के तौर पर देखा जा रहा है। खास बात यह है कि मामला केवल दो नेताओं की राजनीतिक सदस्यता तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल और राजनीतिक मर्यादा पर भी बहस शुरू हो गई है।
श्याम रजक का तीखा प्रहार, बोले- निर्दलीय जीतकर पार्टी में शामिल होना अनैतिक
पूर्व मंत्री और जदयू के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने भी इस प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन करने का अधिकार है। अगर भाजपा ने चुनाव के दौरान या बाद में उन्हें समर्थन दिया है, तो यह नियमों के दायरे में है।लेकिन श्याम रजक ने स्पष्ट किया कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल होना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, अगर दोनों विधान पार्षद भाजपा में शामिल हुए हैं तो यह पूरी तरह अनैतिक और गलत है।श्याम रजक के इस बयान ने भाजपा-जदयू के बीच चल रही सियासी तल्खी को और चर्चा में ला दिया है।
अब सभापति के दरबार में जन सुराज, सदस्यता को लेकर उठाएगा सवाल
इस विवाद में अब जन सुराज की भी एंट्री हो गई है। जानकारी के मुताबिक, निर्दलीय चुनाव जीतने वाले बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने के मामले को लेकर जन सुराज का प्रतिनिधिमंडल आज विधान परिषद के सभापति से मुलाकात करेगा।प्रतिनिधिमंडल इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए सदन के नियमों और निर्वाचित सदस्यों की सदस्यता से जुड़े प्रावधानों पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग करेगा।
निर्दलीय जनादेश बनाम दलगत राजनीति, अब कानूनी पहलुओं पर नजर
इस पूरे विवाद का अहम पहलू यह है कि निर्दलीय निर्वाचित विधान पार्षदों के किसी राजनीतिक दल से जुड़ने पर दलबदल कानून और विधान परिषद के नियम किस तरह लागू होते हैं। केवल किसी दल को समर्थन देना और औपचारिक रूप से उसकी सदस्यता ग्रहण करना अलग-अलग कानूनी स्थितियां हो सकती हैं।फिलहाल भाजपा, जदयू और जन सुराज की ओर से उठाए गए सवालों के बीच निगाहें विधान परिषद के सभापति के रुख पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद बिहार की राजनीति के साथ-साथ सदन की सदस्यता और संवैधानिक नियमों को लेकर भी महत्वपूर्ण बहस का विषय बन सकता है।