बाढ़ जिला बनाओ : 160 साल पुराना अनुमंडल अब तक क्यों है जिला बनने से महरूम? विधायक ने सरकार से पूछा सवाल
भाजपा विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने विधानसभा के आखिरी दिन बिहार के सबसे पुराने अनुमंडल 'बाढ़' को जिला बनाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद क्षेत्र की जनता में वर्षों पुराने वादे के पूरे होने की उम्मीद जगी है।
Patna - बिहार विधानसभा के बजट सत्र के आखिरी दिन भाजपा विधायक डॉ. सियाराम सिंह ने राज्य के सबसे पुराने और बड़े अनुमंडल बाढ़ को जिला बनाने की मांग सदन में प्रमुखता से उठाई है. डॉ. सिंह ने क्षेत्र की जनता की वर्षों पुरानी और लंबित आकांक्षा को सरकार के समक्ष दोहराते हुए बाढ़ के ऐतिहासिक गौरव की याद दिलाई.
बाढ़ का प्रशासनिक इतिहास अत्यंत समृद्ध और पुराना है, जिसका अनुमंडल के रूप में गठन वर्ष 1865 में हुआ था. ऐतिहासिक रूप से, राजद शासनकाल के दौरान बाढ़ को एक दिन के लिए जिला घोषित भी किया गया था, लेकिन राजनीतिक समीकरणों और कारणों के चलते इस फैसले को वापस लेकर इसे पुनः अनुमंडल ही रहने दिया गया. समय-समय पर जिला संघर्ष समिति ने इस मांग को लेकर विभिन्न स्तरों पर आंदोलन किए हैं.
इस मांग के साथ एक महत्वपूर्ण राजनीतिक वादा भी जुड़ा हुआ है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 में सत्ता संभालने से पहले जनता से वादा किया था कि कैबिनेट की पहली ही बैठक में बाढ़ को जिला बनाने का निर्णय लिया जाएगा. हालांकि, दो दशक बीत जाने के बाद भी बाढ़ की जनता आज भी इस वादे के हकीकत में बदलने का इंतजार कर रही है.
विधायक डॉ. सियाराम सिंह द्वारा सदन में इस मुद्दे को पुनः जीवित करने के बाद क्षेत्र के लोगों में एक नई उम्मीद जगी है. स्थानीय निवासियों और संघर्ष समिति को भरोसा है कि इस बार सरकार बाढ़ के ऐतिहासिक महत्व और प्रशासनिक आवश्यकता को समझते हुए इसे जिला बनाने की दिशा में जल्द ही कोई सकारात्मक कदम उठाएगी.