जमुई एनकाउंटर पर बोले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष : अपराधियों के खिलाफ सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति, तेजस्वी यादव पर भी साधा निशाना

जमुई में लड़की के साथ हुई छेड़खानी घटना में पुलिस ने त्वरति कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है।वहीं इस मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, परिणाम सामने है.....

जमुई एनकाउंटर पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा बयान- फोटो : रंजीत कुमार

Patna : जमुई में घटी जघन्य घटना और उसके बाद पुलिस की त्वरित एनकाउंटर कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन अपराधियों के खिलाफ शून्य सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस को पूरी तरह से खुली छूट और कड़े निर्देश दिए हैं कि किसी भी गंभीर आपराधिक वारदात का परिणाम 48 घंटे के भीतर सामने आना चाहिए।


घटना के तुरंत बाद FIR दर्ज, STF के गठन के बाद अस्पताल पहुंचे आरोपी 

संजय सरावगी ने पुलिस की मुस्तैदी की सराहना करते हुए बताया कि जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली, पुलिस ने तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और विशेष कार्य बल (STF) का गठन किया। पुलिस की तेज और सख्त कार्रवाई का ही नतीजा है कि मामले के आरोपी नंदन यादव और हरे राम यादव एनकाउंटर के बाद दबोच लिए गए। दोनों अभियुक्त फिलहाल जमुई के सदर अस्पताल में पुलिस अभिरक्षा में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है।


'मुख्यमंत्री ने पुलिस को दी खुली छूट, 48 घंटे में परिणाम तय'

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि बिहार में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि किसी भी अपराध के घटित होने पर पुलिस बिना किसी दबाव के अपराधियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करे। 48 घंटे के भीतर अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाना सरकार की प्रशासनिक प्राथमिकता है और जमुई में पुलिस ने इसी तत्परता के साथ परिणाम लाकर दिखाया है।


तेजस्वी यादव पर तीखा हमला, घर में महिला प्रताड़ना का उठाया मुद्दा 

विपक्ष द्वारा सरकार पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब देते हुए संजय सरावगी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर करारा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव इस घटना पर राजनीति कर रहे हैं, जबकि वे उस परिवार से आते हैं जिसके अपने घर के भीतर महिला के साथ प्रताड़ना की गई और उस मामले में प्राथमिकी (FIR) तक दर्ज हुई थी। उन्होंने कहा कि जिनके अपने घर में महिला प्रताड़ना का इतिहास रहा हो, उन्हें ऐसे मामलों पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।


वीडियो वायरल करने वालों को चेतावनी, होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई 

संजय सरावगी ने पीड़िता की गोपनीयता से खिलवाड़ करने और घटना से जुड़े वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने वालों को भी सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपराधिक मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करना या वीडियो वायरल करना कानूनन अपराध है। जिन लोगों ने भी इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है, पुलिस उन्हें चिन्हित कर रही है और ऐसे सभी लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

रंजीत की रिपोर्ट