शकील अहमद के सपोर्ट में उतरी भाजपा: राहुल के गुर्गों की गुंडागर्दी पर बरसी BJP, कहा- 'सच बोलने की मिल रही सजा

डॉ. शकील अहमद के समर्थन में उतरी भाजपा, राहुल गांधी पर बोला तीखा हमला। वरिष्ठ नेता को मिली धमकी पर भाजपा ने कहा— 'कांग्रेस में अब लोकतंत्र नहीं, अराजकता और गुंडागर्दी का राज है।'

Patna - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद द्वारा अपनी ही पार्टी से जान का खतरा बताने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खुलकर उनके समर्थन में उतर आई है। भाजपा ने राहुल गांधी पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि दशकों तक कांग्रेस को सींचने वाले नेता के खिलाफ हिंसा पर उतारू होना कांग्रेस की पतनशील संस्कृति को दर्शाता है। भाजपा का आरोप है कि यह सब राहुल गांधी के इशारे पर किया जा रहा है ताकि उनके खिलाफ उठने वाली हर आवाज को दबाया जा सके।

'अयोग्य नेतृत्व' पर सवाल उठाना बना गुनाह

भाजपा प्रवक्ताओं ने कहा कि सोनिया गांधी के "अयोग्य लाल" के बारे में सच बोलना कांग्रेस में अपराध बन गया है। डॉ. शकील अहमद द्वारा अपनी सुरक्षा को लेकर जताई गई चिंता कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि कांग्रेस में अब वैचारिक मतभेद की जगह डर, दबाव और धमकी ने ले ली है। भाजपा ने इसे 'अराजकता की राजनीति' करार दिया है जो अब पूरे देश में पैर पसारने की कोशिश कर रही है।

पटना और मधुबनी आवास पर हमले की साजिश का आरोप

बता दें कि डॉ. शकील अहमद ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में खुलासा किया था कि उनके मधुबनी और पटना स्थित घरों पर हमला हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के ही कुछ शुभचिंतकों ने उन्हें गुप्त रूप से इस साजिश की जानकारी दी है। डॉ. अहमद के अनुसार, यह पूरी तैयारी उनके द्वारा राहुल गांधी की कार्यशैली पर उठाए गए सवालों के बाद रची गई है।

कांग्रेस में अब सिर्फ राहुल का 'पूर्ण नियंत्रण'

डॉ. अहमद ने राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व सिर्फ राहुल गांधी तक सीमित होकर रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी पर उनका पूर्ण नियंत्रण है और वे दोहरे मापदंड अपना रहे हैं। जहाँ भाजपा नेताओं की बयानबाजी पर नेतृत्व मौन रहता है, वहीं घर के ही किसी वरिष्ठ नेता द्वारा सच बोलने पर उसे जान से मारने की धमकियाँ दी जाती हैं।

भाजपा की चेतावनी: अपने गिरेबान में झांके कांग्रेस

भाजपा ने राहुल गांधी की नीतियों की निंदा करते हुए कहा कि अराजकता के जरिए कब्जा करने की उनकी नीति सफल नहीं होगी। "पर उपदेश कुशल बहुतेरे" की कहावत का जिक्र करते हुए भाजपा ने नसीहत दी कि दूसरों को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने वाले राहुल गांधी को पहले अपनी पार्टी के भीतर की गुंडागर्दी और अराजकता पर लगाम लगानी चाहिए।