Samrat Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट के विस्तार का डेट आया सामने, 70 प्रतिशत पुराने नेताओं को मंत्रिमंडल में मिलेगी जगह, जानिए फॉर्मूला
Samrat Cabinet Expansion: सम्राट कैबिनेट में फिलहाल दो ही मंत्री हैं। सीएम सम्राट के पास 29 विभाग तो वहीं दोनों डिप्टी सीएम के पास 18 विभाग हैं। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार मई में सम्राट कैबिनेट का विस्तार संभव है।
Samrat Cabinet Expansion: बिहार में नई सरकार का गठन हो गया है। दो दशक के बाद नीतीश कुमार की बिहार से विदाई हो गई है। पहली बार राज्य में बीजेपी कोटे से मुख्यमंत्री बने हैं। नीतीश सरकार के अंत के बाद अब प्रदेश में सम्राट सरकार है। शपथ ग्रहण समारोह के बाद से ही सीएम सम्राट चौधरी एक्शन मोड में आ गए हैं। सम्राट चौधरी के साथ जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव ने भी शपथ ली। फिलहाल सम्राट कैबिनेट में 2 ही मंत्री हैं। इसी बीच सम्राट कैबिनेट के विस्तार की संभावित तिथि भी सामने आ गई है।
4 मई के बाद सम्राट कैबिनेट का विस्तार
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सम्राट कैबिनेट का विस्तार 4 मई के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में चल रहे चुनाव के कारण पार्टी के सांसद, विधायक और पदाधिकारी वहां प्रचार में व्यस्त हैं, जिसकी वजह से विस्तार में देरी हो रही है। फिलहाल सीएम सम्राट के पास 29 विभाग की जिम्मेदारी है तो वहीं डिप्टी सीएम विजय चौधरी के पास 10 विभाग तो बिजेंद्र यादव के पास 8 विभागों की जिम्मेदारी है।
नए मंत्रिमंडल में 70 प्रतिशत चेहरे पुराने
मिली जानकारी के अनुसार, नए मंत्रिमंडल में करीब 70 प्रतिशत चेहरे पुराने ही रहेंगे, जो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वहीं शेष 30 प्रतिशत मंत्रियों का चयन जातीय समीकरण और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के आधार पर किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि कई पुराने मंत्रियों के विभागों में बदलाव कर उन्हें नई और अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जल संसाधन और वित्त जैसे प्रमुख विभागों के पुराने मंत्रियों के पास ही बने रहने की संभावना है।
जदयू के अधिकांश मंत्री पुराने ही नेता होंगे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिया है कि बिहार अब “मोदी और नीतीश मॉडल” पर आगे बढ़ेगा। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अंतिम निर्णय उच्चस्तरीय बैठक में लिया जाएगा। मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को भी जगह मिलने की संभावना है। जदयू कोटे से अधिकांश मंत्री पुराने ही रह सकते हैं, जबकि भाजपा के हिस्से से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और ‘हम’ पार्टी को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।
दो विभाग का फॉर्मूला लागू
सूत्रों के अनुसार, लोजपा (आर) को दो मंत्री पद, जबकि रालोमो और ‘हम’ को एक-एक मंत्री पद मिल सकता है। सरकार ‘दो विभाग’ के फॉर्मूले पर काम कर सकती है। इसके तहत भाजपा कोटे के मंत्रियों को अधिकतम दो विभाग दिए जाएंगे। हालांकि, कार्यभार को संतुलित रखने के लिए केवल अनुभवी नेताओं को ही दो विभाग सौंपे जाने की संभावना है।