बिहार कांग्रेस में अब कार्टून वॉर : वरिष्ठ नेताओं ने उठाए सवाल, बोले– 'स्वघोषित' पदाधिकारियों की भरमार से पार्टी गर्त में
बिहार कांग्रेस के अंदर की गुटबाजी एकबार फिर खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने संयुक्त रुप से अपनी ही पार्टी की वर्तमान व्यवस्था पर गंभीर आरोप आरोप लगाए है, साथ ही एक राजनीतिक कार्टून भी जारी किया है....
Patna : बिहार कांग्रेस के भीतर गुटबाजी और अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सदस्य आनंद माधव, पूर्व विधायक छत्रपति यादव, नागेंद्र पासवान विकल, बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजकुमार राजन और वसी अख्तर ने एक संयुक्त बयान जारी कर अपनी ही पार्टी की वर्तमान व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। इन वरिष्ठ नेताओं ने बिहार कांग्रेस में 'स्वयंभू' और 'स्वयं घोषित' पदाधिकारियों की बढ़ती बाढ़ पर गहरी चिंता व्यक्त की है और विरोध स्वरूप एक राजनीतिक कार्टून भी जारी किया है, जिससे सियासी पारा चढ़ गया है।
बिना पत्र और दस्तावेज के बन रहे उपाध्यक्ष और महासचिव
वरिष्ठ नेताओं ने साझा बयान में कहा कि इन दिनों बिहार कांग्रेस में जिसे देखिए, वही खुद को पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव या सचिव घोषित कर रहा है। सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से एक-दूसरे को मनोनयन की बधाइयां दी जा रही हैं। नेताओं ने चुटकी लेते हुए कहा कि इन 'स्वघोषित' पदाधिकारियों के पास न तो कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र है और ना ही कोई अधिकृत दस्तावेज। यह पूरी कवायद केवल और केवल आम और समर्पित कार्यकर्ताओं को भ्रमित करने के लिए किसी खास मकसद के तहत चलाई जा रही है।
संगठनात्मक परंपराओं को ताक पर रखने का आरोप
कांग्रेस की स्थापित परंपराओं का हवाला देते हुए इन नेताओं ने याद दिलाया कि नियमतः राज्य स्तर के सभी पदाधिकारियों की अधिसूचना राष्ट्रीय अध्यक्ष के अनुमोदन के बाद एआईसीसी (AICC) के संगठन महासचिव द्वारा जारी की जाती है। लेकिन वर्तमान में बिहार कांग्रेस इन सभी नियमों से ऊपर काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब कोई प्रमाण ही नहीं है, तो कल को कोई भी खुद को कार्यकारी अध्यक्ष या अध्यक्ष घोषित कर सकता है। इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना कार्यों से समर्पित कांग्रेसी पूरी तरह हताश और निराश हैं।
बिहार प्रभारी पर तीखा हमला और 'कांग्रेस मुक्त' करने की साजिश
नेताओं ने बिहार कांग्रेस के वर्तमान सांगठनिक नेतृत्व और प्रदेश प्रभारी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वर्तमान प्रभारी का हर दांव उल्टा पड़ रहा है। उनके नेतृत्व में पार्टी गर्त की ओर जा रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बिहार में कांग्रेस 19 विधायकों से घटकर मात्र 6 विधायकों पर आ गई है, और उन 6 में से भी 3 विधायक बागी रुख अपनाए हुए हैं। नेताओं ने आरोप लगाया कि इन सारी 'स्वघोषित' योजनाओं का एकमात्र अदृश्य लक्ष्य बिहार कांग्रेस को पूरी तरह से 'कांग्रेसी मुक्त' बनाना है।
ईश्वर ही बचाए कांग्रेस विरोधियों की गिरफ्त से
बयान के अंत में वरिष्ठ नेताओं ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर ही बैठे कांग्रेस विरोधियों की गिरफ्त से अब ईश्वर ही बिहार कांग्रेस को मुक्त करा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जारी किया गया कार्टून सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोर रहा है, जिसने प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि इस तीखे हमले के बाद आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आती है।
नरोत्तम की रिपोर्ट