फॉर्म के नाम पर वसूले 10 हजार फिर भी 90% छात्र फेल! पटना के चाणक्या कॉलेज में भारी प्रदर्शन
दुल्हिन बाजार के चाणक्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बीएससी नर्सिंग के करीब 90% विद्यार्थियों को फेल करने पर बवाल। छात्रों ने रकसिया के पास SH-2 मुख्य मार्ग को 1 घंटे तक जाम रखा। छात्रों का आरोप- फॉर्म के नाम पर 10,800 रुपये लेने के बाद भी लापरवाही बरती गई
पटना जिले के दुल्हिन बाजार थाना क्षेत्र के रकसिया स्थित चाणक्या कॉलेज ऑफ एजुकेशन में बीएससी नर्सिंग के नतीजों को लेकर शनिवार को भारी बवाल हो गया। परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट सैकड़ों छात्रों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और रकसिया गांव के पास बिक्रम-पालीगंज SH-2 मुख्य मार्ग को लगभग एक घंटे तक बाधित रखा। इस चक्का जाम के कारण सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं और आम राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
90 फीसदी छात्र फेल, मेधावी विद्यार्थियों के भी कम अंक
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा है कि इस बार बीएससी नर्सिंग के रिजल्ट में कॉलेज के करीब 90 प्रतिशत विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण घोषित कर दिया गया है। आक्रोशित छात्रों ने बताया कि जो विद्यार्थी पढ़ाई में हमेशा आगे रहते थे और टॉपर श्रेणी में आते थे, उन्हें भी बेहद कम अंक दिए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने से पूरे कॉलेज परिसर में आक्रोश का माहौल बन गया।
रुपये वसूलने और लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप
छात्रा अंजली कुमारी समेत अन्य विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने सेंटर मैनेजमेंट और परीक्षा फॉर्म के नाम पर प्रति छात्र 10,800 रुपये वसूले थे। छात्रों का कहना है कि भारी-भरकम राशि लेने के बावजूद संस्थान ने भारी लापरवाही बरती, जिसके कारण उनका रिजल्ट खराब हुआ। इस तरह की धांधली और गड़बड़ी से सैकड़ों विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है।
निष्पक्ष जांच और दोबारा कॉपी मूल्यांकन की मांग
छात्रों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है। उनकी मांग है कि यदि जांच में किसी प्रोफेसर या प्रबंधन की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही पीड़ित विद्यार्थियों ने परीक्षा परिणाम का पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) करवाकर जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई है।
पुलिस के हस्तक्षेप से खुला जाम, सोमवार को वार्ता का आश्वासन
हंगामा बढ़ते ही अपर थाना अध्यक्ष बिट्टू कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने उग्र छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया और SH-2 पर यातायात बहाल करवाया। जब इस मामले पर कॉलेज प्रबंधन का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने मीडिया से बात करने से मना कर दिया। हालांकि, पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कॉलेज प्रशासन सोमवार को छात्रों के साथ बैठकर इस मुद्दे पर वार्ता करने के लिए सहमत हुआ है।
बिक्रम से ऋषिकेश की रिपोर्ट