राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: गोपालगंज की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का चयन, जानें कैसे बदला शिक्षा का स्तर

कुचायकोट कन्या विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए हुआ है।शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और कम लागत वाले शिक्षण नवाचारों (TLM) के लिए उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जाएगा

National Teacher Award 2026 Bihar Pushpa Prasad Gopalganj Te
गोपालगंज की पुष्पा प्रसाद को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026- फोटो : Reporter

गोपालगंज जिले के लिए एक बेहद गर्व की खबर सामने आई है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए जारी सूची में जिले के कुचायकोट स्थित कन्या विद्यालय की शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का चयन किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही विद्यालय से लेकर पूरे इलाके में खुशी और उत्सव का माहौल बन गया है।


अविश्वास से विश्वास तक, यूं मिली राष्ट्रीय पहचान 

अपनी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पुष्पा प्रसाद ने बताया कि जब उन्हें पहली बार इस पुरस्कार के लिए चुने जाने की जानकारी मिली, तो उन्हें एक पल के लिए यकीन ही नहीं हुआ। जब सहकर्मियों, अधिकारियों और शुभचिंतकों से लगातार बधाइयों का सिलसिला शुरू हुआ, तब जाकर उन्हें इस बात पर विश्वास हुआ। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने और बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के उनके निरंतर प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

अभिभावकों से संवाद और नवाचार से बदली तस्वीर 

शिक्षिका ने बताया कि ग्रामीण परिवेश में बच्चों को नियमित रूप से स्कूल से जोड़ना काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले अभिभावकों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया और घर-घर जाकर उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इसके अलावा, कक्षाओं को रोचक बनाने के लिए उन्होंने बेहद कम लागत वाले शिक्षण नवाचार (TLM) अपनाए। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बेकार या जुगाड़ की चीजों से शिक्षण सामग्री तैयार की, जिससे बच्चे कठिन विषयों को भी आसानी से समझ सकें।


सीमित संसाधनों में बुलंद हौसले से पाई सफलता 

पुष्पा प्रसाद द्वारा विकसित किए गए शिक्षण नवाचारों की प्रभावशीलता इतनी शानदार रही कि अब अन्य जिलों के शिक्षक भी उन्हें अपनी कक्षाओं में लागू कर रहे हैं। इस सफलता पर शिक्षिका ने कहा कि अगर उनके काम से दूसरे शिक्षक प्रेरित हो रहे हैं, तो यह उनके लिए किसी भी बड़े सम्मान से कम नहीं है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के अन्य शिक्षकों को संदेश दिया कि संसाधनों की कमी को कभी अपनी राह की रुकावट न बनने दें, क्योंकि बुलंद हौसले से हर चुनौती को पार किया जा सकता है।

राष्ट्रपति के हाथों सम्मान से जिले का मान बढ़ा 

ग्रामीण परिवेश में शिक्षा की नींव को मजबूत करने और बच्चों के भविष्य को संवारने वाली शिक्षिका पुष्पा प्रसाद का राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना जाना पूरे गोपालगंज जिले के लिए गौरव का क्षण है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों मिलने वाला यह प्रतिष्ठित पुरस्कार न केवल उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, समर्पण और नवाचार को पहचान देगा, बल्कि राज्य के अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगा।

गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट