Bihar Railway Reservation: छठ बाद घर लौटना बना जंग,120 सेकंड में सीटें साफ, टिकट माफिया के कब्जे का आरोप
Bihar Railway Reservation:महापर्व छठ के बाद बिहार से दूसरे राज्यों में काम पर लौटने वाले प्रवासियों के लिए ट्रेन का कन्फर्म टिकट हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है।....
Bihar Railway Reservation:महापर्व छठ के बाद बिहार से दूसरे राज्यों में काम पर लौटने वाले प्रवासियों के लिए ट्रेन का कन्फर्म टिकट हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। बुधवार सुबह जैसे ही 21 नवंबर की यात्रा के लिए 60 दिन पहले वाली नियमित बुकिंग शुरू हुई, बिहार से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और पुणे जाने वाली कई ट्रेनों में महज करीब 120 सेकंड के भीतर सीटें खत्म हो गईं। आम यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट तो दूर, कई ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं रहा और स्क्रीन पर सीधे ‘नो रूम’ या ‘रिग्रेट’ दिखने लगा।
यात्रियों का आरोप है कि आईआरसीटीसी पर बुकिंग शुरू होने के बाद कैप्चा भरने और यात्री विवरण दर्ज करने में उन्हें कुछ ही पल लगते हैं, लेकिन तब तक बड़ी संख्या में सीटें गायब हो जाती हैं। छठ के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, सिकंदराबाद, अहमदाबाद और चेन्नई लौटने वाले लाखों यात्रियों की परेशानी इससे और बढ़ गई है।
इस बीच टिकट बुकिंग व्यवस्था को लेकर प्रोफेशनल एजेंटों को कथित तौर पर विशेष सुविधा मिलने के आरोप भी सामने आए हैं। पूर्व मध्य रेलवे के कॉमर्शियल विभाग के एक अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर दावा किया कि प्रोफेशनल एजेंटों को तेज एक्सेस और विशेष सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराए जाने की आशंका है। अधिकारी के मुताबिक, इसके उलट आधिकारिक पीआरएस काउंटरों की गति धीमी रहने से सामान्य यात्रियों को नुकसान होता है। इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।पटना जंक्शन का आरक्षण केंद्र भी बदलती व्यवस्था की तस्वीर पेश करता है। एक वरिष्ठ रेल अधिकारी के मुताबिक, करीब एक दशक पहले यहां 28 आरक्षण काउंटर थे, जबकि अब इनकी संख्या घटकर 9 रह गई है।
छठ के बाद भारी यात्री दबाव के बीच सवाल उठ रहा है कि जब रेलवे को इस सीजन में बढ़ी मांग का पहले से अनुमान रहता है, तो आम यात्रियों के लिए पर्याप्त सीटें और पारदर्शी बुकिंग व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित हो पाती। अब निगाह रेलवे की ओर है कि वह टिकटों की तेज बुकिंग, एजेंटों की भूमिका और सर्वर संबंधी शिकायतों पर क्या कदम उठाता है।