Bihar Drowning: कर्मा-धर्मा की खुशियां मातम में बदलीं, बिहार में डूबने से 13 लोगों की मौत, गंगा-तालाब में रेस्क्यू जारी

Bihar Drowning: : बिहार में कर्मा-धर्मा पर्व की खुशियों के बीच अलग-अलग जिलों से सामने आए डूबने के हादसों ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।

Karma Dharma Turns Tragic as Drownings Hit Bihar
डूबने से 13 लोगों की मौत- फोटो : reporter

Bihar Drowning: बिहार में कर्मा-धर्मा पर्व की खुशियों के बीच अलग-अलग जिलों से सामने आए डूबने के हादसों ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। बांका में तीन नाबालिग छात्राओं की मौत हुई, नालंदा में तीन लोगों की जान गई, जबकि पटना के बाढ़ अनुमंडल में गंगा में मूर्ति विसर्जन के दौरान 11 लोग डूबने लगे। इनमें चार लोगों को बचा लिया गया, एक युवक का शव बरामद हुआ और छह लोगों की तलाश जारी है।

बांका के शंभूगंज में तीन सहेलियों की मौत: शोभनाथपुर गांव में मंगलवार शाम दीघिया पोखर में स्नान के दौरान 12-13 साल की तीन छात्राएं डूब गईं। रिपोर्टों के मुताबिक मौसम कुमारी गहरे पानी में चली गई थी। उसे बचाने के प्रयास में पुष्पा और सीमा भी पानी में उतर गईं और तीनों डूब गईं। ग्रामीणों ने तीनों को बाहर निकाला, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।

नालंदा में दोस्त को बचाने में गई जान: नगरनौसा के बलधा निवासी 19 वर्षीय दिलखुश कुमार लछु बिगहा के पास तालाब में कर्मा पूजा के लिए मिट्टी लेने और स्नान करने गया था। एक साथी के गहरे पानी में फंसने पर वह उसे बचाने पहुंचा। साथी बाहर निकल गया, लेकिन दिलखुश डूब गया। रहुई क्षेत्र में भी गोइठवा नदी में स्नान के दौरान एक महिला और बच्ची की मौत की सूचना है।

पटना के बाढ़ अनुमंडल में गंगा बनी काल: बाढ़, अथमलगोला और बख्तियारपुर थाना क्षेत्रों में मूर्ति विसर्जन के दौरान कुल 11 लोग डूबने लगे। चार को स्थानीय लोगों ने बचा लिया, जबकि एक युवक का शव बरामद हुआ। छह लोगों की तलाश स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से जारी है।

मनेर में महिला समेत तीन लापता: कर्मा-धर्मा के बाद बुधवार सुबह हल्दी छपरा गंगा घाट पर झूर प्रवाहित करने के दौरान एक महिला और दो बच्चियां गहरे पानी में चली गईं। तीनों के लापता होने के बाद स्थानीय तैराकों और गोताखोरों ने तलाश शुरू की।

इन हादसों ने पर्व के दौरान जलस्रोतों के किनारे सुरक्षा इंतजाम और सावधानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासकर गंगा, तालाब और अन्य गहरे जलस्रोतों में पूजा, स्नान और विसर्जन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत सामने आई है।