Bihar News : भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजीव मिश्र की बीमार मां से मिले नागरिक परिषद के महासचिव छोटू सिंह, हार्ट हॉस्पिटल पहुंचकर जाना हाल-चाल

Bihar News : नागरिक परिषद के महासचिव अरविन्द कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह ने हार्ट हॉस्पिटल जाकर बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता संजीव कुमार मिश्र बीमार माँ सावित्री देवी के स्वास्थ्य की जानकारी।

स्वास्थ्य की जानकारी - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह पटना के कंकड़बाग स्थित हार्ट हॉस्पिटल पहुंचे। वहां उन्होंने बिहार भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और पटना हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी संजीव कुमार मिश्र (उर्फ गीता वाले बाबा) की माता जी सावित्री देवी के स्वास्थ्य की जानकारी ली। बता दें कि सावित्री देवी को हार्ट अटैक (दिल का दौरा) आने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम नजर बनाए हुए है।

अस्पताल पहुंचे छोटू सिंह ने बीमार माता जी का हाल-चाल जाना और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल के वरीय डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों से मुलाकात कर मरीज की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। महासचिव ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों से आग्रह किया कि माता जी के सीनियर सिटिजन होने और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और उन्हें हरसंभव बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

बिहार राज्य नागरिक परिषद के महासचिव अरविंद कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह ने कहा की "माता जी की स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों से बात की गई है। अस्पताल प्रशासन ने बेहतर इलाज का भरोसा दिया है। हम ईश्वर से उनके जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।" संजीव कुमार मिश्र की माता को देखने अस्पताल पहुंचे छोटू सिंह के साथ कई अन्य गणमान्य लोग और सामाजिक कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। उनके साथ मुख्य रूप से अमर सिंह, आनंद, अभिषेक झा और अखिलेश कुमार पाठक सहित कई लोग शामिल थे, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को हिम्मत बंधाया।

गौरतलब है कि संजीव कुमार मिश्र उर्फ गीता वाले बाबा पटना के राजनीतिक और न्यायिक हलके में एक जाना-माना नाम हैं। उनकी माता जी के अचानक अस्वस्थ होने और अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलने के बाद से ही भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं का अस्पताल पहुंचने और फोन पर उनका हाल-चाल जानने का सिलसिला लगातार जारी है।