रिशु श्री टेंडर प्रकरण में शामिल अधिकारियों को छुट्टी पर भेज जांच आगे बढ़ाएं सीएम : राजेश राठौड़
Patna : बिहार में ठेका मैनेज करने और अधिकारियों के साथ ठेकेदारों की मध्यस्थता करने के आरोपी रिशु श्री टेंडर घोटाले को लेकर सियासत पूरी तरह गरमा गई है। बिहार प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन और मुख्य प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इस पूरे मामले को लेकर बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजेश राठौड़ ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मांग की है कि इस टेंडर घोटाले में संलिप्त पाए गए सभी रसूखदार अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अनिवार्य छुट्टी पर भेजा जाए, ताकि वे अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर चल रही जांच को प्रभावित न कर सकें।
चारा घोटाले का हवाला देकर पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर साधा निशाना
कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौड़ ने इस टेंडर घोटाले की गंभीरता को रेखांकित करने के लिए अतीत के चारा घोटाले का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि चारा घोटाले के मामले में राज्य के दो-दो पूर्व मुख्यमंत्री जेल जा चुके हैं, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जगन्नाथ मिश्र को केवल इसलिए दोषी ठहराया गया था क्योंकि उन्होंने घोटाले में संलिप्त एक अधिकारी के सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) की सिफारिश की थी। इसके विपरीत, बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तो दागी और पसंदीदा अधिकारियों को सेवा विस्तार देने की एक पूरी लंबी सूची ही तैयार कर दी थी।
रिशु श्री प्रकरण में कई रसूखदार आईएएस अधिकारियों के नामों का किया खुलासा
राजेश राठौड़ ने टेंडर घोटाले और मध्यस्थता के खेल में सीधे तौर पर जुड़े होने का आरोप लगाते हुए कई बड़े आईएएस अधिकारियों के नामों को सार्वजनिक किया। उन्होंने आनंद किशोर, अभिलाषा शर्मा, योगेश सागर, धर्मेंद्र कुमार, संतोष मल्ल और मुमुक्ष चौधरी जैसे शीर्ष अधिकारियों का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी के तार रिशु श्री से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े होने की बात सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिशु श्री द्वारा आईएएस अधिकारियों की मनचाही ट्रांसफर-पोस्टिंग कराई जाती थी, जिसके बाद टेंडर दिलाने से लेकर कंपनियों में निवेश और शेयर लेने तक का बड़ा खेल चलता था।
सीएम हाउस की संलिप्तता के बिना ऐसा बड़ा घोटाला होना मुमकिन नहीं
सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार में एक मामूली ब्लॉक या थाने में पोस्टिंग तक स्थानीय विधायक नहीं करा पाते हैं, लेकिन रिशु श्री जैसा बिचौलिया सीधे आईएएस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग करा रहा था। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह पूरा सिंडिकेट मुख्यमंत्री आवास (सीएम हाउस) की मौन सहमति या संलिप्तता के बिना किसी भी हाल में संभव नहीं है। इस खेल में कोई मामूली लोग शामिल नहीं हैं, बल्कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों का संरक्षण इसे प्राप्त था।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस दिखाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने बड़ी चुनौती
राजेश राठौड़ ने कहा कि चूंकि बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लगातार अपनी सरकार की छवि को सुधारने के प्रयासों में लगे हुए हैं, इसलिए उनके सामने अब भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति को साबित करने की बड़ी चुनौती है। यदि मुख्यमंत्री सचमुच निष्पक्ष जांच चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत इन सभी चिन्हित अधिकारियों को पद से हटाकर छुट्टी पर भेजना चाहिए। इस कदम से न केवल सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, बल्कि प्रदेश में सक्रिय टेंडर माफियाओं और बिचौलियों का मनोबल भी पूरी तरह टूट जाएगा।
नरोत्तम की रिपोर्ट