उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सितम, राहत पाने के लिए पहाड़ों की ओर उमड़ा पर्यटकों और तीर्थयात्रियों का जनसैलाब

उत्तर भारत में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का सितम, राहत पाने के लिए

N4N Desk : उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में इन दिनों भीषण और जानलेवा गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई शहरों में सूरज की तपिश और लू (हीटवेव) के कारण तापमान 45 डिग्री से लेकर 50 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच रहा है। दोपहर के समय चल रही गर्म हवाओं के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। इस झुलसाने वाली गर्मी से फौरी राहत पाने के लिए अब लाखों की तादाद में लोग मैदानी क्षेत्रों को छोड़कर पहाड़ी पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं।


हिमाचल के मनाली और रोहतांग में पैर रखने की जगह नहीं, होटलों में बढ़ी बुकिंग

भीषण गर्मी के चलते हिमाचल प्रदेश के प्रमुख हिल स्टेशनों पर सैलानियों की भारी आमद शुरू हो गई है। मनाली, रोहतांग पास, शिमला और डलहौजी जैसे खूबसूरत पहाड़ी इलाकों में देश के कोने-कोने से पर्यटक पहुंच रहे हैं। मनाली और रोहतांग की वादियों में इस समय पैर रखने तक की जगह नहीं है। पर्यटकों की इस रिकॉर्ड तोड़ भीड़ के कारण स्थानीय होटलों, होम-स्टे और रिसॉर्ट्स में शत-प्रतिशत बुकिंग हो चुकी है, जिससे स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।


उत्तराखंड के नैनीताल और औली में उमड़ी भीड़, रास्तों पर लगा लंबा ट्रैफिक जाम

पहाड़ों की ओर पलायन का यही नजारा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी देखने को मिल रहा है। सरोवर नगरी नैनीताल, मशहूर स्कीइंग डेस्टिनेशन औली और जोशीमठ जैसे ठंडे इलाकों में वीकेंड ही नहीं, बल्कि कामकाजी दिनों में भी पर्यटकों का तांता लगा हुआ है। मैदानी इलाकों की चिलचिलाती धूप से बचकर लोग यहां के सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं। हालांकि, वाहनों की अत्यधिक संख्या बढ़ने के कारण नैनीताल और जोशीमठ को जोड़ने वाले पर्वतीय मार्गों पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम भी देखने को मिल रहा है, जिससे निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है।


चारधाम यात्रा में भी रिकॉर्ड तोड़ आमद, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बढ़ी रौनक

सिर्फ घूमने-फिरने वाले पर्यटक ही नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था से सराबोर तीर्थयात्री भी बड़ी संख्या में उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। प्रसिद्ध पौराणिक और धार्मिक स्थलों जैसे बद्रीनाथ धाम और सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है। बर्फबारी और ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु बाबा बद्रीविशाल के दर्शन कर रहे हैं। मैदानी भागों की गर्मी से बचने की चाहत और चारधाम यात्रा के संयोग ने इस बार पहाड़ों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या को पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ने पर मजबूर कर दिया है।


भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट, पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी

पहाड़ी राज्यों में अचानक बढ़ी इस अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है। साथ ही, प्रशासन ने पहाड़ों की ओर आ रहे सैलानियों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें होटलों की एडवांस बुकिंग कराकर ही आने और पर्वतीय रास्तों पर संभलकर वाहन चलाने की अपील की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति या असुविधा से बचा जा सके।