दही-चूड़ा के बहाने शक्ति प्रदर्शन, नितिन नवीन का दो जगह भोज, सीएम नीतीश समेत NDA को न्योता
Nitin Naveen Chura Dahi Bhoj: बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार नितिन नवीन आज दो जगहों पर भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं।...
Nitin Naveen Chura Dahi Bhoj: मकर संक्रांति के मौके पर बिहार की राजनीति में आज दही-चूड़ा की खुशबू के साथ सियासी सरगर्मियां भी तेज़ हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार नितिन नवीन आज दो जगहों पर भव्य दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं। सियासी हलकों में इसे महज़ परंपरा नहीं, बल्कि शक्ति-प्रदर्शन और संगठनात्मक एकजुटता का सियासी पैग़ाम माना जा रहा है।
पहला भोज पटना के न्यू क्लब में आयोजित किया जा रहा है, जहां मीडिया कर्मियों के साथ बीजेपी और एनडीए के बड़े दिग्गजों का जमघट होगा। यहां सियासी चर्चा, आने वाले चुनावी मंसूबों और गठबंधन की सेहत पर अनौपचारिक गुफ़्तगू तय मानी जा रही है। वहीं दूसरा भोज नितिन नवीन अपने मंत्री आवास पर दे रहे हैं, जहां बीजेपी के तमाम कार्यकर्ताओं के लिए खुले दिल से दावत सजी है।
मंत्री आवास पर होने वाले भोज में प्रदेश स्तर से लेकर विधानसभा और पटना महानगर तक के कार्यकर्ताओं को दावत-ए-आम दी गई है। पार्टी सूत्रों की मानें तो हजारों की तादाद में कार्यकर्ताओं के पहुंचने की उम्मीद है। यह आयोजन संगठन के लिए मनोबल बढ़ाने और ज़मीनी कैडर को सियासी तौर पर रिचार्ज करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
भोज के मेन्यू में परंपरा और स्वाद का खास मेल है चूड़ा-दही, तिलकुट, खिचड़ी, साथ में चटनी, पापड़, रायता और मिठाई की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। नितिन नवीन हर साल मकर संक्रांति पर अपने आवास पर चूड़ा-दही और खिचड़ी का इंतज़ाम करते रहे हैं, लेकिन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला मौका है, इसलिए दोनों जगहों पर इंतज़ाम को खास और भव्य बनाया गया है।
इस सियासी दावत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत सभी मंत्री और विधायक आमंत्रित हैं। बीजेपी के साथ-साथ जदयू, हम और रालोमो जैसे एनडीए घटक दलों के नेताओं को भी न्योता भेजा गया है।
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन लगातार देशभर में पार्टी की जिम्मेदारियों में मशगूल रहे हैं। दिल्ली से लेकर पटना तक उनका भव्य स्वागत हुआ है। आज का यह दही-चूड़ा भोज उसी राजनीतिक सफ़र की अगली कड़ी माना जा रहा है जहां स्वाद के साथ-साथ सत्ता की सियासत भी परोसी जा रही है।