दानापुर DRM ऑफिस में बड़ा खेल! रेलवे में भर्ती का झांसा देकर फर्जीवाड़ा, महिला समेत 2 गिरफ्तार,1आरोपी फरार
दानापुर (खगौल) डीआरएम कार्यालय परिसर में रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश! रेलकर्मियों की मुस्तैदी से फर्जी जॉइनिंग लेटर व डॉक्यूमेंट्स के साथ महिला समेत 2 आरोपी गिरफ्तार। वहीं पूछताछ के दौरान 1 आरोपी फरार हो गया।
पटना से सटे दानापुर (खगौल) स्थित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय परिसर से रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। सतर्क रेलकर्मियों की सूझबूझ से धोखाधड़ी में शामिल एक महिला और एक पुरुष को मौके से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों आरोपी बेरोजगार युवकों को रेलवे में भर्ती कराने का झांसा देकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए फॉर्म भरवा रहे थे और उनसे मोटी रकम ऐंठ रहे थे।
डीआरएम कार्यालय में संदिग्ध गतिविधि से खुला भेद
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब मंगलवार को दानापुर डीआरएम कार्यालय परिसर में कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली। आरपीएफ पोस्ट प्रभारी और मुख्य कर्मचारी कल्याण निरीक्षक पंकज कुमार ने देखा कि गाजीपुर (यूपी) निवासी दिव्या कुमारी और बिहटा (पटना) निवासी मणिशंकर, पश्चिम बंगाल के गौरंगा मंडल नामक युवक से रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) गुवाहाटी का फॉर्म भरवा रहे थे। संदेह होने पर जब अधिकारियों ने जांच की, तो उनके पास से फर्जी दस्तावेज बरामद हुए।
महिला आरोपी के पास से बरामद हुए कई फर्जी दस्तावेज
पुलिस की तलाशी के दौरान आरोपी दिव्या कुमारी के पास एक लाल रंग की फाइल से रेलवे भर्ती से संबंधित फर्जी दस्तावेजों का पुलिंदा मिला। इसमें जॉइनिंग लेटर का प्रोफार्मा, फिंगरप्रिंट प्रोफार्मा, एम्प्लॉयमेंट डिटेल्स और कर्मचारी नियुक्ति फॉर्म की कुल 24 प्रतियां शामिल थीं। इसके अलावा उसके पास से बिहार सरकार का एक संदिग्ध परिचय पत्र भी मिला, जिसमें उसे डेटा एंट्री ऑपरेटर दर्शाया गया था। पूछताछ में दिव्या ने कबूला कि सागर नाम के व्यक्ति ने उसे ये फर्जी फॉर्म उपलब्ध कराए थे।
फेसबुक से जाल में फंसाया, पूछताछ के दौरान एक आरोपी फरार
पीड़ित युवक गौरंगा मंडल ने बताया कि उसकी पहचान फेसबुक के जरिए दिव्या कुमारी से हुई थी, जिसने नौकरी का लालच देकर उसे दानापुर बुलाया था। हालांकि, डीआरएम कार्यालय में हंगामे और पूछताछ के दौरान गौरंगा मंडल मौका पाकर वहां से फरार हो गया। पुलिस और आरपीएफ कर्मियों की काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। फिलहाल पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
अदालत में पेशी के बाद दोनों आरोपी भेजे गए जेल
रेल अधिकारी पंकज कुमार की लिखित शिकायत पर खगौल थाने में मामला दर्ज किया गया है। दानापुर डीएसपी अजीत कुमार ने बताया कि फर्जीवाड़े और एनडीपीएस/ठगी से जुड़े संबंधित मामलों के आधार पर गिरफ्तार महिला दिव्या कुमारी और मणिशंकर से गहन पूछताछ की गई। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। पुलिस अब इस अंतर-राज्यीय ठगी गिरोह के पूरे नेटवर्क और मास्टरमाइंड सागर की तलाश में जुट गई है।