छठ में घर जाने वालों के लिए बड़ी राहत, दिल्ली से बिहार के बीच चलेंगी बस ... ऐसे बुक कीजिये टिकट

दिल्ली परिवहन विभाग ने बिहार के साथ सीधी बस कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना तैयार की है। इसके तहत दिल्ली से बिहार के प्रमुख शहरों के बीच बसें चलाने की तैयारी है।

Delhi to Bihar Bus Service - फोटो : news4nation

Bihar News : दीपावली और छठ महापर्व से पहले दिल्ली में रहने वाले बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म टिकट की मारामारी और लंबी वेटिंग से परेशान यात्रियों को अब सड़क मार्ग से घर पहुंचने का एक और विकल्प मिल सकता है। दिल्ली सरकार बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अंतरराज्यीय बस सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। शुरुआती चरण में 2 से 3 प्रमुख रूटों पर बसों का परिचालन शुरू करने की योजना है।


पहले चरण में 2-3 प्रमुख रूटों पर बस सेवा

दिल्ली परिवहन विभाग ने बिहार के साथ सीधी बस कनेक्टिविटी बढ़ाने की योजना तैयार की है। इसके तहत दिल्ली से बिहार के प्रमुख शहरों के बीच बसें चलाने की तैयारी है। शुरुआत में सभी प्रस्तावित मार्गों पर सेवा शुरू करने के बजाय 2 से 3 प्रमुख रूट चुने जाएंगे। इन रूटों पर यात्रियों की संख्या, मांग और प्रतिक्रिया का आकलन करने के बाद आगे अन्य शहरों को भी बस सेवा से जोड़ा जा सकता है।


फिलहाल दिल्ली और बिहार के बीच मुख्य रूप से निजी बसों का ही संचालन होता है। सरकारी बस सेवा नहीं होने के कारण त्योहारों के सीजन में यात्रियों को सीमित विकल्प मिलते हैं और निजी बस ऑपरेटरों के किराए में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। सरकार तय नियमों और मानकों के तहत निजी बस संचालकों को भी प्रस्तावित व्यवस्था में शामिल करने पर विचार कर रही है।


18 संभावित रूट, पटना से पूर्णिया तक शहर शामिल

दिल्ली और बिहार के बीच अंतरराज्यीय बस सेवा की योजना को लेकर अगस्त में परिवहन विभाग ने 10 साल की अवधि वाले पारस्परिक परिवहन समझौते का मसौदा तैयार किया था। इसमें बिहार के प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ने वाले करीब 18 संभावित रूट की पहचान की गई थी।


प्रस्तावित मार्गों में पटना, मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा, भागलपुर और पूर्णिया समेत कई प्रमुख शहर शामिल हैं। दिल्ली से बिहार जाने वाली बसों को उत्तर प्रदेश से होकर गुजरना होगा। ऐसे में नोएडा, आगरा, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहर भी इस बस नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। दिल्ली सरकार पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए भी अलग से बस कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।


सीएनजी और BS-VI बसों को प्राथमिकता

लंबी दूरी की इस बस सेवा में पर्यावरण और यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों के लिए कड़े मानक तय किए जाएंगे। दिल्ली परिवहन निगम के पास फिलहाल मुख्य रूप से इलेक्ट्रिक बसें हैं, लेकिन मौजूदा इलेक्ट्रिक बसों की क्षमता इतनी लंबी दूरी के रूट के लिए पर्याप्त नहीं है।


ऐसे में दिल्ली-बिहार के बीच सीएनजी अथवा BS-VI और उससे बेहतर उत्सर्जन मानक वाली डीजल बसों के संचालन का विकल्प सामने है। अब यह तय किया जाना बाकी है कि दिल्ली सरकार खुद लंबी दूरी की बसें खरीदेगी या निजी एजेंसी के साथ समझौता कर बस सेवा संचालित कराएगी।


किराया और रूट पर अंतिम फैसला बाकी

परिवहन विभाग की विशेष समिति फिलहाल प्रस्तावित रूट, किराए और बसों के परिचालन से जुड़े नियमों को अंतिम रूप देने में जुटी है। समिति की रिपोर्ट के बाद सरकार शुरुआती चरण में शुरू होने वाले रूट और किराए की आधिकारिक घोषणा करेगी।


अगर योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो दीपावली और छठ के दौरान दिल्ली से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को ट्रेनों के अलावा बस से सफर का भी विकल्प मिल सकता है। खासकर त्योहारों के समय कंफर्म रेल टिकट नहीं मिलने वाले यात्रियों के लिए यह सेवा एक अतिरिक्त परिवहन विकल्प उपलब्ध करा सकती है।