Bihar News : जिलों के प्रभारी मंत्रियों की लिस्ट फाइनल, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी बने पटना के प्रभारी मंत्री, अशोक चौधरी को मिले 3 जिले
Bihar News : बिहार सरकार ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों की लिस्ट फाइनल कर दी है. मंत्री अशोक चौधरी को जहाँ 3 जिलों को कमान दी गयी है. वहीँ सम्राट चौधरी को पटना की कमान दी गयी है.....पढ़िए आगे
PATNA : बिहार में नीतीश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों के लिए प्रभारी मंत्रियों की सूची फाइनल कर दी है। मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा आधिकारिक सूची जारी होने के साथ ही अब सभी जिलों को उनके विकास कार्यों की निगरानी के लिए एक प्रभारी मंत्री मिल गया है। ये मंत्री न केवल संबंधित जिले के विकास की देखरेख करेंगे, बल्कि जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करेंगे।
इस नई सूची में राज्य के दोनों उपमुख्यमंत्री को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी को राजधानी पटना का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। वहीं, दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को मुजफ्फरपुर और भोजपुर जैसे दो बड़े और महत्वपूर्ण जिलों का प्रभार सौंपा गया है। विजय कुमार चौधरी को पूर्वी चंपारण और नालंदा, श्रवण कुमार को समस्तीपुर और पूर्णिया, मंगल पांडेय को दरभंगा और पश्चिम चंपारण, दिलीप कुमार जायसवाल को भागलपुर और गया जी, अशोक चौधरी को सीतामढ़ी, शिवहर और जहानाबाद, लेसी सिंह को मधुबनी और मधेपुरा, मदन सहनी को सुपौल और खगड़िया, रामकृपाल यादव को कैमूर, संतोष कुमार सुमन को औरंगाबाद, सुनील कुमार को रोहतास और लखीसराय, मोहम्मद जमा खान को किशनगंज और शेखपुरा, संजय सिंह टाइगर को बांका, अरुण शंकर प्रसाद के बेगूसराय, सुरेंद्र मेहता को कटिहार, नारायण प्रसाद को गोपालगंज, राम निषाद को बक्सर, लखेन्द्र कुमार रौशन को अररिया, श्रेयसी सिंह को नवादा डॉक्टर प्रमोद कुमार को सहरसा और सिवान, संजय कुमार को मुंगेर संजय कुमार सिंह को जमुई और दीपक प्रकाश को अरवल जिले का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
नीतीश कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी पर मुख्यमंत्री का विशेष भरोसा एक बार फिर देखने को मिला है। उन्हें एक साथ तीन जिलों का प्रभारी मंत्री बनाया गया है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक अहमियत को दर्शाता है। अशोक चौधरी जैसे अनुभवी मंत्रियों को अधिक जिलों की कमान सौंपकर सरकार ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने का प्रयास किया है।
प्रभारी मंत्रियों की भूमिका राज्य के सुशासन मॉडल में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ये मंत्री समय-समय पर अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा करते हैं और जिला स्तर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठकें करते हैं। वे न केवल जनहित की योजनाओं के सुलभ संचालन को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि स्थानीय समस्याओं के निवारण के लिए मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी देते हैं। इससे शासन और प्रशासन के बीच की दूरी कम होती है।
जिलों में प्रभारी मंत्रियों की इस तैनाती से विकास कार्यों की गति बढ़ने की उम्मीद है। विभागीय योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे, इसके लिए मंत्रियों को जवाबदेह बनाया गया है। मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा जारी इस पूरी लिस्ट के बाद अब सभी जिलों में विकास कार्यों की मॉनिटरिंग और "सरकार आपके द्वार" की अवधारणा को धरातल पर उतारने में मदद मिलेगी।