Bihar News : दीपक प्रकाश का पत्ता कटने पर NDA में रार, हुकुमदेव नारायण ने मांझी-चिराग-कुशवाहा पर साधा निशाना, HAM ने किया तीखा पलटवार
Bihar News : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव के एक बयान ने एनडीए के सहयोगी दलों के बीच विवाद खड़ा कर दिया है.......पढ़िए आगे
PATNA : पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हुकुमदेव नारायण यादव ने परिवारवाद के मुद्दे पर अपनी ही सहयोगी दलों को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने तीखा सवालिया लहजा अपनाते हुए कहा की "जब राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाया जाता है, तो फिर जीतनराम मांझी, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा उससे अलग कैसे हैं?"उन्होंने भाजपा का बचाव करते हुए आगे कहा कि भाजपा का इतना पतन नहीं हुआ है कि वह दीपक प्रकाश को एमएलसी उम्मीदवार बनाकर परिवारवाद को बढ़ावा दे।
राज्यसभा और विधान परिषद को बताया 'चोर दरवाजा'
हुकुमदेव नारायण यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने विधायी सदनों पर भी बड़ा बयान दे डाला। राज्यसभा और विधानसभा (उच्च सदनों/चोर दरवाजा संदर्भ) को 'चोर दरवाजा' करार देते हुए उन्होंने राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि उपेंद्र कुशवाहा जब लोकसभा का चुनाव हार गए, तब वे चोर दरवाजे (राज्यसभा) से संसद पहुंच गए।
HAM का पलटवार: 'सांसद अशोक यादव क्या कोई स्वतंत्रता सेनानी हैं?'
हुकुमदेव नारायण यादव के इस बयान पर एनडीए के सहयोगी दल 'हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा' ने बेहद आक्रामक रुख अख्तियार किया है। हम (HAM) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने पलटवार करते हुए पूछा, "हुकूमदेव नारायण यादव जी को यह भी बताना चाहिए कि मधुबनी के वर्तमान सांसद अशोक यादव वल्द हुकूमदेव नारायण यादव क्या हैं? वह कौन से स्वतंत्रता सेनानी हैं?"उन्होंने आगे कहा कि अगर राज्यसभा और विधान परिषद चोर दरवाजा है, तो फिर उसमें बैठने वाले नेताओं को क्या कहा जाएगा, इस पर भी वे प्रकाश डालें।
'उम्र के इस पड़ाव पर ज्ञान अपने परिवार में बांटें'
श्याम सुंदर शरण ने हुकुमदेव नारायण यादव को उम्र का हवाला देते हुए नसीहत दी और कहा, "उम्र की इस दहलीज पर उन्हें अब आराम करने की जरूरत है। उन्हें अपने इस ज्ञान को संजोकर केवल अपने परिवार में ही बांटना चाहिए।" उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दूसरों को गंगा स्नान का ज्ञान देना और खुद 'कठौत में स्नान' करना कहीं से भी उचित नहीं है। दीपक प्रकाश के टिकट कटने से शुरू हुआ यह विवाद अब एनडीए के अंदर एक बड़े वैचारिक और राजनीतिक टकराव का रूप लेता दिख रहा है।