पटना में जिला स्तरीय साप्ताहिक समन्वय बैठक: डीएम ने कार्यों की समीक्षा कर दिए कई कड़े निर्देश
पटना डीएम की अध्यक्षता में आज जिला-स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण साप्ताहिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान डीएम ने विभिन्न विभागों में लम्बित मामलों के निष्पादन में हुई बेहतरीन प्रगति पर संतोष व्यक्त किया...
Patna : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आज सभी प्रखंडों, नगर निकायों, अनुमंडलों एवं जिला-स्तरीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण साप्ताहिक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान पिछले एक सप्ताह में विभिन्न विभागों में लम्बित मामलों के निष्पादन में हुई बेहतरीन प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। जिलाधिकारी ने पूरी प्रशासनिक टीम की पीठ थपथपाते हुए उनकी सराहना की और साथ ही शेष बचे लम्बित मामलों को मिशन मोड में लेते हुए गुणवत्तापूर्ण और त्वरित निस्तारण करने का सख्त निर्देश दिया।
अतिक्रमण और भूमि विवादों पर सूक्ष्मतम स्तर से निगरानी के आदेश
बैठक में आम जनता से जुड़ी समस्याओं पर विशेष चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहर और ग्रामीण इलाकों में व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से अतिक्रमण हटाकर जनसुविधाओं को विकसित किया जाए। इसके साथ ही, भूमि विवादों के प्रभावी निष्पादन एवं अनुश्रवण (Monitoring) के लिए सूक्ष्मतम स्तर पर निगरानी रखने की बात कही गई, ताकि किसी भी प्रकार का विवाद कानून-व्यवस्था के लिए संकट न बने। विधि-व्यवस्था संधारण को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया गया।
राशन वितरण में तेजी और निष्क्रिय राशन कार्डों की होगी जांच
जन-वितरण प्रणाली को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने खाद्यान्न का ससमय उठाव एवं वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक के अनाज में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, क्षेत्र में जितने भी निष्क्रिय (Inactive) राशन कार्ड हैं, उनकी त्वरित गति से जांच कर विधिवत कार्रवाई करने की हिदायत दी गई है। जिलाधिकारी ने सहयोग शिविरों के विधिवत संचालन और उनमें प्राप्त आवेदनों का व्यक्तिगत रुचि लेकर समयबद्ध निराकरण करने पर जोर दिया।
आपदा प्रबंधन की तैयारी और अंतर्विभागीय मामलों का त्वरित समाधान
आगामी चुनौतियों को देखते हुए बैठक में आपदा प्रबंधन पर भी रणनीति बनी। अधिकारियों को किसी भी तरह की आपदा की स्थिति में मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप तत्परता से प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है। विकासात्मक एवं लोक-कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी ने अंतर्विभागीय मामलों (Inter-departmental matters) का त्वरित समाधान निकालने का निर्देश दिया, ताकि विभागों के आपसी समन्वय की वजह से कोई भी विकास कार्य न रुके।
लापरवाही पर चलेगी गाज, 'जीरो टॉलरेंस' की नीति लागू
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व के साथ जनहित के कार्यों को निष्पादित करने की चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता, लापरवाही या अनियमितता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस संबंध में जिला प्रशासन 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेगा और गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।