डीएम का सख्त निर्देश: साइबर अपराधियों और बैंक जालसाजों को चिन्हित कर करें कड़ी कार्रवाई, थानों में बनेगा हेल्प डेस्क
पटना डीएम कुंदन कुमार ने डिजिटल अरेस्ट, साइबर क्राइम और बैंक फ्रॉड जैसी बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कड़े निर्देश दिए है। उन्होंने साइबर अपराधों के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए जिले के सभी थानाध्यक्षों को एक विशेष टास्क सौंपा है....
Patna : डिजिटल अरेस्ट, साइबर क्राइम और बैंक फ्रॉड जैसी बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए पटना के जिलाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार ने एक उच्च स्तरीय बैठक की। पुलिस विभाग और आई.टी. सेल के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ आयोजित इस विशेष बैठक में डीएम ने साफ तौर पर कहा कि अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई को विभिन्न हथकंडों से लूट रहे हैं, जिस पर अंकुश लगाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को नवीनतम तकनीकों (लेटेस्ट टेक्नोलॉजी) का उपयोग कर ऐसे अपराधियों की पहचान करने और उनके खिलाफ त्वरित व कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का कड़ा निर्देश दिया है।
सिम कार्ड विक्रेताओं पर रहेगी पैनी नजर, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी एफआईआर
साइबर अपराधों के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए जिलाधिकारी ने जिले के सभी थानाध्यक्षों को एक विशेष टास्क सौंपा है। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सक्रिय सिम कार्ड विक्रेताओं और डीलरों पर पैनी नजर रखे। सिम कार्ड के क्रय-विक्रय (खरीद-बिक्री) में सरकार और दूरसंचार विभाग द्वारा निर्धारित केवाईसी (KYC) मापदंडों का शत-प्रतिशत और सख्ती से पालन सुनिश्चित कराया जाए। बिना उचित सत्यापन या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अनधिकृत रूप से सिम बेचने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला बैंकिंग समन्वय समिति की बैठक में अब अनिवार्य रूप से शामिल होगा 'डिजिटल अरेस्ट' का एजेंडा
बैंकिंग धोखाधड़ी और डिजिटल अरेस्ट जैसे नए दौर के गंभीर अपराधों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिलाधिकारी ने एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि अब से आयोजित होने वाली प्रत्येक जिलास्तरीय बैंकिंग समन्वय समिति की बैठक में 'डिजिटल अरेस्ट' और 'बैंक फ्रॉड' को मुख्य एजेंडे के रूप में शामिल किया जाए। इस बैठक में न केवल इन अपराधों की प्रकृति पर चर्चा होगी, बल्कि अपराधियों के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई और फ्रीज किए गए खातों की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी ताकि बैंकों और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जा सके।
स्कूल-कॉलेजों से शुरू होगा व्यापक जागरूकता अभियान, हर थाने में बनेगा 'साइबर हेल्प डेस्क'
डीएम कुंदन कुमार ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि साइबर अपराध को कम करने और लोगों को ठगी से बचाने में जन-जागरूकता सबसे प्रभावी हथियार साबित हो सकती है। उन्होंने पुलिस के साइबर सेल को निर्देश दिया कि व्यापक स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। प्रथम चरण में इन अभियानों को सभी स्कूलों और कॉलेजों में आयोजित किया जाएगा ताकि युवा पीढ़ी सजग हो सके, जिसके बाद इसे अन्य सार्वजनिक स्थलों पर विस्तारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, पीड़ित नागरिकों की त्वरित सहायता के लिए अब जिले के सभी थानों में विशेष 'साइबर हेल्प डेस्क' की स्थापना की जाएगी।
हर हफ्ते मनेगा 'साइबर मंगलवार', सहयोग शिविरों में भी दी जाएगी डिजिटल सुरक्षा की ट्रेनिंग
वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति लोगों को हर स्तर पर जागरूक करने के लिए जिलाधिकारी ने एक अनोखी पहल की घोषणा की है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में प्रत्येक मंगलवार को विशेष रूप से ‘साइबर मंगलवार’ के रूप में मनाया जाएगा। इस विशेष दिन पर पूरे जिले में सघन साइबर क्राइम विरोधी और डिजिटल सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इसके साथ ही, प्रशासन द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न सहयोग शिविरों में भी आने वाले आम नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीकों की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी।
अनिल की रिपोर्ट