Bihar News : प्रशासनिक गलती से बच्चे का नवोदय विद्यालय में रुका एडमिशन, पटना हाईकोर्ट ने दाखिला का दिया आदेश
Bihar News : पटना हाईकोर्ट ने एक संवेदनशील मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 11 वर्षीय छात्र राहुल कुमार के शिक्षा के अधिकार (RTE) की रक्षा की है......पढ़िए आगे
PATNA : पटना हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में 11 वर्षीय नाबालिग छात्र राहुल कुमार के शिक्षा के अधिकार की रक्षा की। कोर्ट ने केंद्र और राज्य के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जवाहर नवोदय विद्यालय में उसका प्रवेश सुनिश्चित करें। उस लड़के को सिर्फ प्रशासनिक गलती के कारण सीट से वंचित कर दिया गया था।
पूर्वी चंपारण के खैरवा गांव के राहुल ने ओबीसी ग्रामीण कोटा के तहत कक्षा 6 की प्रवेश परीक्षा में 96.25 अंक और कुल 72वां रैंक हासिल किया था। मेरिट के आधार पर सफल होने के बावजूद पीएम-श्री जवाहर नवोदय विद्यालय, पिपराकोठी के प्राचार्य ने 1 जुलाई, 2026 को उसका प्रवेश अस्वीकार कर दिया। इसका कारण बताया गया कि उसने पहले जिस स्कूल—गुरुकुल चिल्ड्रन अकादमी—में पढ़ाई की थी, वह मान्यता प्राप्त नहीं था।
जस्टिस हरीश कुमार ने स्पष्ट किया कि स्कूल को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 18 दिसंबर 2021 से 18 दिसंबर, 2024 तक अनंतिम मान्यता मिली हुई थी। यही वह अवधि थी, जब राहुल कक्षा 3 और 4 में पढ़ रहा था। मान्यता रद्द करने का कोई आदेश कभी जारी नहीं किया गया। यूडीआईएसई पोर्टल पर तकनीकी गलती से स्कूल को अमान्यता प्राप्त दिखाया गया था, जिसे बाद में सुधारकर संचालित, निजी सहायता-रहित और मान्यता प्राप्त कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि इतनी छोटी उम्र के बच्चे को उसकी या उसकी विधवा मां के नियंत्रण से बाहर की प्रशासनिक चूक का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा की किसी बच्चे के शिक्षा के अधिकार को प्रशासनिक गलती से व्यर्थ नहीं बनाया जा सकता ।
उन्होंने बाल-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। सभी 80 सीटें भर जाने के बावजूद अदालत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, नवोदय विद्यालय समिति और सीबीएसई को दो सप्ताह के अंदर विचार कर जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त (सुपरन्यूमेररी) सीट बनाने का निर्देश दिया, ताकि राहुल बिना और देरी के प्रवेश पा सके। रिट याचिका मंजूर कर ली गई।