574 करोड़ से 100 एकड़ में विकसित होगी डुमरी स्पोर्ट्स सिटी, बीसीसीआई से चयनित क्रिकेटरों को सरकारी नौकरी

बिहार में खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए राज्य की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह बड़ी पहल कर रही हैं.

खेल मंत्री श्रेयसी सिंह- फोटो : news4nation

Bihar News : खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को विकास भवन, पटना में राज्य की खेल अवसंरचना परियोजनाओं, खेल प्रतिभा विकास कार्यक्रमों एवं भावी खेल कार्ययोजना की समीक्षा को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, शिक्षा एवं खेल विभाग के सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रवींद्रन शंकरण, भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पंचायती राज विभाग के सचिव मनोज कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पंकज कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


बैठक में बिहार की महत्वाकांक्षी डुमरी स्पोर्ट्स सिटी परियोजना की विस्तृत समीक्षा की गई। लगभग 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाने वाली इस परियोजना के लिए 574 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि से संबंधित प्रस्ताव जिला पदाधिकारी एवं जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना को भेजा जा चुका है। श्रेयसी सिंह ने कहा कि डुमरी स्पोर्ट्स सिटी बिहार के खेल विकास का नया केंद्र बनेगी और भविष्य में इसके आसपास खेल, प्रशिक्षण, खेल उद्योग तथा अन्य सहायक गतिविधियों के विस्तार की व्यापक संभावनाएं विकसित होंगी।


विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए दो अलग-अलग टीमों द्वारा अहमदाबाद एवं ओडिशा के खेल अवसंरचना मॉडलों का अध्ययन किया गया है। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्य के लिए निविदा प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व विशेषज्ञ परामर्शदाता की सेवाएं ली जाएं ताकि परियोजना को राष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम सुविधाओं के अनुरूप विकसित किया जा सके। उन्होंने डुमरी स्पोर्ट्स सिटी की मासिक समीक्षा सुनिश्चित करने तथा परियोजना के विभिन्न घटकों को प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से विकसित करने का भी निर्देश दिया।


बैठक में निर्णय लिया गया कि अरवल, मधेपुरा एवं किशनगंज जिला उत्कृष्टता केंद्र (District Centre of Excellence) का संचालन 15 जून से प्रारंभ कर दिया जाएगा। इन केंद्रों में क्रमशः कबड्डी, बैडमिंटन एवं ताइक्वांडो खेलों का आवासीय प्रशिक्षण संचालित होगा। इसके अतिरिक्त सिवान, मुंगेर एवं जमुई में फुटबॉल खेल के उत्कृष्टता केंद्र विकसित किए जाएंगे।


 बैठक में पंचायत स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पंचायत स्पोर्ट्स क्लबों के सक्रियकरण की समीक्षा की गई। बैठक में खिलाड़ियों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। प्रस्ताव रखा गया कि ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा चयनित भारतीय पुरुष एवं महिला वरिष्ठ क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को भी सामान्य प्रशासन विभाग एवं खेल विभाग की “मेडल लाओ, नौकरी पाओ” योजना के अंतर्गत शामिल किया जाए। प्रस्ताव स्वीकृत होने पर ऐसे खिलाड़ियों को लेवल-9 की सरकारी नौकरियों का लाभ मिल सकेगा।