बिहार के उद्योगपति अनिल अग्रवाल के ठिकानों पर ED की रेड, वेदांता ग्रुप पर कसा शिकंजा

वेदांत ग्रुप जिसके प्रमुख अनिल अग्रवाल बिहार मूल के हैं और अक्सर ही बिहार में उद्योग और निवेश करने सहित बिहार की आईपीएल टीम होने को लेकर चिंता जताते हैं उनके ठिकानों पर ED की रेड हुई है.

Anil Agarwal Vedanta Group- फोटो : news4nation

ED raid on Vedanta : बिहार मूल के उद्योगपति और वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल एक बार फिर जांच एजेंसियों के घेरे में आ गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) से जुड़े मामले में वेदांता समूह के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। ईडी की टीम विदेशी लेनदेन और वित्तीय गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा नियमों के संभावित उल्लंघन को लेकर की जा रही है। जांच एजेंसी कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश और विदेशों में हुए लेनदेन की पड़ताल में जुटी है।  


वेदांता ग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। कंपनी ने कहा कि वह सभी नियमों और कानूनों के अनुपालन के लिए प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि वेदांता देश की बड़ी खनन और धातु कंपनियों में शामिल है। कंपनी एल्युमिनियम और जिंक उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है, जबकि कच्चे तेल के उत्पादन में भी उसकी अहम हिस्सेदारी है। समूह ने आने वाले वर्षों में भारत में बड़े निवेश की योजनाओं का भी ऐलान किया है।


पहले भी कई विवाद

हालांकि वेदांता पहले भी कई विवादों में घिर चुकी है। अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ के एक पावर प्लांट में बॉयलर विस्फोट के बाद कंपनी की शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी, जिसमें 20 से ज्यादा मजदूरों की मौत हो गई थी। इसके अलावा ओडिशा में बिना अनुमति नदी से पानी लेने के आरोप में कंपनी पर 233 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया गया था। विदेशी मुद्रा नियमों को लेकर भी वेदांता पहले जांच का सामना कर चुकी है। वर्ष 2004 में समूह की एक कंपनी और उसके निदेशकों पर FEMA नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे, जिसके बाद जुर्माना भी लगाया गया था।


क्या है FEMA

दरअसल, FEMA के तहत ईडी तब कार्रवाई करती है जब किसी व्यक्ति या कंपनी पर विदेशों में अवैध धन भेजने, हवाला कारोबार, विदेशी निवेश नियमों के उल्लंघन या विदेश में संपत्ति खरीद से जुड़े नियम तोड़ने का संदेह होता है।


बिहार से गहरा नाता

अनिल अग्रवाल का बिहार से गहरा नाता रहा है। उनका परिवार मूल रूप से बिहार से जुड़ा माना जाता है और वे समय-समय पर बिहार के विकास, उद्योग और निवेश को लेकर अपनी राय रखते रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उन्होंने कई बार बिहार की प्रतिभा, मेहनतकश लोगों और राज्य में औद्योगिक संभावनाओं को लेकर पोस्ट किए हैं। बिहार में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर भी वे कई मौकों पर बयान दे चुके हैं।