Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी शिक्षक अब इनसे नहीं करा पाएंगे ये काम, शिक्षा विभाग का सख्त आदेश, जान लें नया नियम

Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी शिक्षक अब रसोईया से अतिरिक्त काम नहीं करा पाएंगे। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को सख्त आदेश दिया है। साथ ही नया नियम भी जारी कर दिया है।

शिक्षा विभाग का आदेश - फोटो : social media

Bihar Teacher News: बिहार के सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना के तहत कार्यरत रसोईया-सह-सहायक से अतिरिक्त काम कराए जाने के मामलों को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। शिक्षा विभाग के निदेशालय ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि रसोईया-सह-सहायक से मध्याह्न भोजन योजना से इतर कोई भी कार्य लेना नियमों के विरुद्ध है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षकों को नहीं करना होगा अतिरिक्त काम 

मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक विनायक मिश्र (भा.प्र.से.) ने संचिका संख्या म.भो. को-ES-57/2012 अंश-235 के तहत सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निदेशालय पहले ही पत्रांक 501, दिनांक 19 मार्च 2018 के माध्यम से स्पष्ट कर चुका है कि रसोईया-सह-सहायक से केवल भोजन तैयार करने, बच्चों को भोजन परोसने और बर्तनों की साफ-सफाई जैसे कार्य ही कराए जाएं तथा उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

लगातार मिल रही थी शिकायत  

इसके बावजूद बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना रसोईया संघ के माध्यम से शिकायतें मिली हैं कि कई विद्यालयों में रसोईया-सह-सहायक से विद्यालय परिसर की सफाई, कमरों में झाड़ू लगवाने और शौचालय की साफ-सफाई जैसे अतिरिक्त कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर उनके साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायतें सामने आई हैं।

शिक्षा विभाग का कड़ा रुख 

निदेशालय ने इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर से प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक को स्पष्ट आदेश जारी करें कि रसोईया-सह-सहायक से मध्याह्न भोजन योजना से इतर कोई कार्य न कराया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विद्यालयों में उनके साथ गरिमापूर्ण और सम्मानजनक व्यवहार हो।

शिक्षा विभाग का फरमान 

शिक्षा विभाग का मानना है कि रसोईया-सह-सहायक विद्यालय व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। जिनकी जिम्मेदारी बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित है। उनसे अतिरिक्त कार्य कराना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे उनके मनोबल और कार्य-दक्षता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इस आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि यदि किसी विद्यालय में रसोईया-सह-सहायक से अतिरिक्त कार्य कराए गए, तो संबंधित प्रधानाध्यापक या पदाधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय मानी जाएगी।