सिस्टम का 'अजीब' रिवॉर्ड: 4 साल पहले लद्दाख भेजे गए दागी IAS अब दिल्ली की सफाई और बजट के 'मालिक', कुत्तो को टहलाने के लिए खिलाड़ियों को किया था स्टेडियम से बाहर

2022 में स्टेडियम में कुत्ता घुमाने के आरोप में लद्दाख भेजे गए IAS संजीव खैरवार की दिल्ली वापसी हुई है। उन्हें MCD का नया कमिश्नर बनाया गया है, जिससे वीआईपी कल्चर पर बहस फिर छिड़ गई है।

सिस्टम का 'अजीब' रिवॉर्ड: 4 साल पहले लद्दाख भेजे गए दागी IAS

New Delhi -  केंद्र सरकार ने बुधवार, 21 जनवरी 2026 को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर 1994 बैच के एजीएमयूटी (AGMUT) कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव खैरवार को दिल्ली नगर निगम का कमिश्नर नियुक्त किया है। खैरवार, अश्विनी कुमार की जगह लेंगे जिनका तबादला जम्मू-कश्मीर कर दिया गया है। खैरवार की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब MCD अपना वार्षिक बजट पेश करने की तैयारी कर रहा है।

त्यागराज स्टेडियम का वो विवाद जिसने हिला दिया था देश

मई 2022 में 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट ने खुलासा किया था कि दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में अभ्यास करने वाले एथलीटों और कोचों को शाम 7 बजे तक स्टेडियम खाली करने को मजबूर किया जाता था। आरोप था कि संजीव खैरवार और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा (वह भी एक आईएएस अधिकारी) को अपने पालतू कुत्ते को वहां टहलाना होता था। खिलाड़ियों ने शिकायत की थी कि उनके अभ्यास के घंटों में कटौती सिर्फ एक नौकरशाह की निजी सुविधा के लिए की गई।

सजा के तौर पर हुआ था लद्दाख तबादला

इस घटना के बाद देशभर में 'वीआईपी कल्चर' के खिलाफ भारी आक्रोश देखा गया था। गृह मंत्रालय ने मामले का संज्ञान लेते हुए खैरवार का तबादला लद्दाख और उनकी पत्नी रिंकू दुग्गा का तबादला अरुणाचल प्रदेश कर दिया था। रिंकू दुग्गा को बाद में 2023 में उनके सेवा रिकॉर्ड के आकलन के बाद अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त (Compulsory Retirement) कर दिया गया था।

अनुभव और प्रशासनिक सफर

संजीव खैरवार इससे पहले दिल्ली सरकार में राजस्व विभाग के प्रधान सचिव और मंडल आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वे 2009 से 2014 के बीच तत्कालीन महिला एवं बाल विकास मंत्री के निजी सचिव भी रहे थे। लद्दाख में अपने कार्यकाल (2022-2026) के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसे विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

MCD के सामने खड़ी चुनौतियां

अब खैरवार के कंधों पर दिल्ली की साफ-सफाई, नागरिक सुविधाओं और आगामी बजट (2026-27) को सुचारू रूप से लागू करने की बड़ी जिम्मेदारी है। गौरतलब है कि MCD के बजट में कुत्तों की माइक्रोचिपिंग के लिए ₹20 करोड़ और डॉग शेल्टर के लिए ₹4 करोड़ का प्रावधान भी प्रस्तावित है, जिसे सोशल मीडिया पर खैरवार के पिछले विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।