बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10 रुपया में शिक्षा, डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने गिनाईं तकनीकी शिक्षा की उपलब्धियां

Bihar News : बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रदेश की बदलती तकनीकी शिक्षा व्यवस्था का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी विजन और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में

Patna : बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक प्रेसवार्ता में बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने प्रदेश की बदलती तकनीकी शिक्षा व्यवस्था का ब्यौरा पेश किया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दूरदर्शी विजन और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। इस दौरान विभाग के सचिव लोकेश कुमार ने भी विभाग की आगामी योजनाओं और वर्तमान उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।


आईआईटी पटना के सहयोग से बढ़ी शिक्षा की गुणवत्ता 

डिप्टी सीएम ने बताया कि बिहार में कई 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित किए गए हैं, जो आईआईटी पटना के तकनीकी सहयोग से संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से छात्रों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे उनकी गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यही कारण है कि अब इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक के छात्रों के लिए बेहतर नौकरियों के अवसर पहले के मुकाबले काफी आसान हो गए हैं। राज्य के कॉलेजों में स्थापित लैब भी अब उच्चस्तरीय मानकों के अनुरूप हैं।


महिला सशक्तिकरण में बिहार का कोई जवाब नहीं 

इस दौरान विजय चौधरी ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बिहार के इंजीनियरिंग कॉलेजों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि महिलाओं के सशक्तिकरण के मामले में बिहार का कोई जवाब नहीं है। सरकार की इन नीतियों के चलते तकनीकी क्षेत्रों में बेटियों की भागीदारी तेजी से बढ़ी है, जो राज्य के विकास के लिए एक अतुलनीय कदम है।


मात्र 10 रुपया में इंजीनियरिंग की पढ़ाई और नामांकन 

बिहार में तकनीकी शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचाने के लिए शुल्क संरचना को बेहद सुलभ बनाया गया है। सचिव लोकेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में हर महीने मात्र 10 रुपये शिक्षण शुल्क लिया जाता है। इतना ही नहीं, नामांकन शुल्क भी मात्र 10 रुपये ही निर्धारित है, जो देश के किसी अन्य राज्य में देखने को नहीं मिलता। इस न्यूनतम शुल्क के साथ आज बिहार के हर जिले में पॉलिटेक्निक कॉलेज और इंजीनियरिंग संस्थान सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।


बगहा को जल्द मिलेगा नया पॉलिटेक्निक कॉलेज 

विभागीय सचिव ने राज्य के विस्तार पर चर्चा करते हुए घोषणा की कि बगहा में जल्द ही एक नया पॉलिटेक्निक कॉलेज खुलने जा रहा है। इसका उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों के युवाओं को उनके घर के पास ही तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराना है। सरकार की प्राथमिकता है कि हर जिले में बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाए ताकि बिहार के छात्र वैश्विक बाजार की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें। प्रेसवार्ता में स्पष्ट किया गया कि तकनीकी शिक्षा में हुए इन सुधारों ने बिहार को विकास की एक नई ऊँचाई पर खड़ा कर दिया है।

धीरज की रिपोर्ट