शिक्षा मंत्री ने किया ‘मोदी युग का भारत’ पुस्तक का लोकार्पण: मुरली श्रीवास्तव की यह कृति पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं का है अनूठा संग्रह

उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की जीवनी, 'वीर कुंवर सिंह की प्रेमकथा', 'विकास पुरुष' और 'वंदेमातरम्' जैसी चर्चित कृतियों के सृजन के बाद लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव की नई कृति ‘मोदी युग का भारत’ पुस्तक का शिक्षा मंत्री ने लोकार्पण किया....

मुरली श्रीवास्तव की नई कृति ‘मोदी युग का भारत’ पुस्तक का लोकार्पण- फोटो : रिपोर्टर

Patna : राजधानी पटना के विकास भवन स्थित मदन मोहन सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव की नई पुस्तक ‘मोदी युग का भारत’ का औपचारिक लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पुस्तक के लेखक को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस गरिमामयी कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।


पीएम मोदी के 25 वर्षों के सेवा कार्यों और योजनाओं का अनूठा संग्रह

लोकार्पण के बाद अपने संबोधन में शिक्षा मंत्री ने कहा कि ‘मोदी युग का भारत’ एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रासंगिक पुस्तक है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले 25 वर्षों से जारी अनवरत सार्वजनिक सेवा और उनके यशस्वी नेतृत्व में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों को एक ही जगह समाहित किया गया है, जो पाठकों को देश की विकास यात्रा को गहराई से समझने में मदद करेगी।


प्रतियोगी परीक्षाओं के विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए बेहद उपयोगी

पुस्तक के रचयिता मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि यह कृति राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों में रुचि रखने वाले पाठकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगी। इसमें प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन, उनकी लंबी सेवा यात्रा, देशहित में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े विषयों को बेहद सरल रूप में प्रस्तुत किया गया है।


पैनग्राम पब्लिशर्स, दिल्ली द्वारा प्रकाशित संग्रहणीय संदर्भ ग्रंथ

उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की जीवनी, 'वीर कुंवर सिंह की प्रेमकथा', 'विकास पुरुष' और 'वंदेमातरम्' जैसी चर्चित कृतियों के सृजन के बाद लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव की यह राष्ट्रीय विमर्श पर सबसे अहम कड़ी है। पैनग्राम पब्लिशर्स, दिल्ली की ओर से प्रकाशित यह पुस्तक युवा पीढ़ी, नीति-निर्माताओं और शोधार्थियों के लिए समकालीन भारत को समझने हेतु एक बेहतरीन संग्रहणीय संदर्भ ग्रंथ के रूप में उभरी है।


शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षाविद् और गणमान्य लोग रहे मौजूद

इस लोकार्पण समारोह में शिक्षा विभाग के तमाम वरीय पदाधिकारी, प्रतिष्ठित लेखक, शिक्षाविद् एवं समाज के अन्य गणमान्य लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस पुस्तक के प्रकाशन को वैचारिक और साहित्यिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जो समाज और नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रेरित करेगा।