वित्त रहित शिक्षकों के वेतनमान, अनुदान राशि के भुगतान पर विधान परिषद में शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान

unfunded teachers- फोटो : news4nation

Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदस्यों ने वित्त रहित शिक्षकों के वेतनमान, अनुदान राशि के भुगतान, चाइल्ड केयर लीव और छात्रों को नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध कराने का सवाल उठाया।


वित्त रहित शिक्षकों के वेतनमान पर सवाल

एमएलसी नवल किशोर यादव, संजीव कुमार सिंह, सर्वेश कुमार सिंह और प्रोफेसर गुलाम गौस ने सदन में सवाल उठाया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वित्त रहित डिग्री, इंटर कॉलेज और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतनमान देने के लिए कमेटी गठित की गई थी। कमेटी की समय-समय पर बैठकें भी हुईं, लेकिन अब तक वेतनमान देने के मुद्दे पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका है।


एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि राज्य सरकार विश्वविद्यालयों को अनुदान भेजती है, विश्वविद्यालय कॉलेजों को राशि हस्तांतरित करता है, लेकिन कई कॉलेजों के खाते फ्रीज कर दिए जाते हैं। उन्होंने सवाल किया कि राशि भेजे जाने के बावजूद भुगतान क्यों नहीं हो रहा है? इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि इस संबंध में गठित कमेटी की जल्द बैठक कराई जाएगी और मामले की समीक्षा की जाएगी।


10 साल से वेतन नहीं मिलने का आरोप

जदयू एमएलसी वीरेंद्र नारायण यादव ने कहा कि अनुदान जारी होने के बावजूद  वित्त रहित शिक्षकों को पिछले 10 वर्षों से वेतन नहीं मिला है। उन्होंने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की। वीरेंद्र नारायण यादव ने यह भी कहा कि जब उन्होंने सिवान और पटना के जिला शिक्षा पदाधिकारियों से चाइल्ड केयर लीव के संबंध में बात की तो अधिकारियों ने छुट्टी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह सरकार की घोषित नीतियों के विपरीत है।


छात्रों को नि:शुल्क कॉपी-बैग और पुस्तक देने की मांग

एमएलसी संजीव कुमार सिंह ने वित्त अनुदानित और गैर-वित्त अनुदानित माध्यमिक व इंटरमीडिएट संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी सरकारी विद्यालयों की तरह कक्षा 9 से 12 तक नि:शुल्क कॉपी, बैग और पुस्तक उपलब्ध कराने की मांग की। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार इस प्रस्ताव पर विचार करेगी और आवश्यक निर्णय लिया जाएगा।