बक्सर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी: 14 धमाकों के ईमेल से मचा हड़कंप, परिसर खाली
बक्सर के व्यवहार न्यायालय को बुधवार को एक धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया, जिसमें दोपहर ठीक 1:15 बजे परिसर के भीतर 14 बम धमाके करने की चेतावनी दी गई थी। इस सनसनीखेज सूचना के मिलते ही सुरक्षा कारणों से न्यायिक कार्यों को तत्काल रोक दिया
Buxar - : बिहार के बक्सर स्थित व्यवहार न्यायालय को बुधवार को एक ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसमें दोपहर 1:15 बजे 14 धमाके करने का दावा किया गया था। इस सनसनीखेज सूचना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन न्यायिक कार्य रोककर पूरे परिसर को खाली करा लिया।
1:15 बजे 14 धमाकों की मिली चुनौती
व्यवहार न्यायालय को मिले धमकी भरे ईमेल में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि परिसर के भीतर ठीक दोपहर 1:15 बजे एक के बाद एक कुल 14 बम धमाके किए जाएंगे। इस सूचना के सार्वजनिक होते ही न्यायालय प्रशासन में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्यवाही स्थगित कर दी गई और सभी अधिवक्ताओं, कर्मचारियों तथा वादकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
चप्पे-चप्पे की जांच में जुटीं सुरक्षा एजेंसियां
धमकी की सूचना मिलते ही एसडीएम अविनाश कुमार, सदर एसडीपीओ गौरव कुमार पांडेय और बाद में एसपी शुभम आर्य भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पूरे परिसर की घेराबंदी कर बम निरोधक दस्ता (Bomb Squad), डॉग स्क्वॉड और तकनीकी टीम की मदद से सघन तलाशी अभियान चलाया गया। एसडीपीओ ने बताया कि ईमेल को गंभीरता से लेते हुए हर संदिग्ध वस्तु की बारीकी से जांच की जा रही है।
अधिवक्ता संघ ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
जिला अधिवक्ता संघ के महासचिव बिंदेश्वरी प्रसाद पांडे ने प्रशासन के साथ समन्वय कर परिसर खाली कराया, लेकिन हाल की घटनाओं को देखते हुए सुरक्षा पर चिंता जताई। अधिवक्ता ज. सैफी और तेज प्रताप सिंह ने याद दिलाया कि परिसर में पहले भी हत्या और गोलीबारी जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा इंतजामों को नाकाफी बताते हुए स्थायी और तकनीकी रूप से मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित करने की मांग की।
सन्नाटे में परिसर, जांच के घेरे में ईमेल
वर्तमान में पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराकर पुलिस के कड़े पहरे में रखा गया है। हालांकि अब तक किसी विस्फोटक की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस की तकनीकी टीम ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर न्यायिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्ट - संदीप वर्मा