परीक्षा धांधली पर EOU का बड़ा खुलासा: 44 मामलों की हो रही जांच, डॉक्टर और सिपाही समेत दर्जनों गिरफ्तार

बिहार आर्थिक अपराधी इकाई ने प्रदेश में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों पर अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा साझा किया है। एडीजी के अनुसार कुल 44 मामलों की जांच चल रही है, कई को गिरफ्तार किया गया है....

परीक्षा धांधली पर EOU का बड़ा खुलासा- फोटो : अनिल कुमार

Patna : बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के एडीजी अमित कुमार जैन ने राज्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों, पेपर लीक और संगठित अपराध पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई का ब्यौरा साझा किया है। उन्होंने बताया कि EOU द्वारा कुल 44 मामलों में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। इसमें NEET, सिपाही भर्ती, TRE-3 और गृह रक्षा वाहिनी जैसी प्रमुख परीक्षाएं शामिल हैं, जिनमें संलिप्त भू-माफिया, डॉक्टरों और बिचौलियों पर शिकंजा कसा गया है।


NEET परीक्षा धांधली: डॉक्टर उज्ज्वल और रविशंकर गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेजों का जखीरा बरामद 

NEET एवं RE-NEET (UG) परीक्षा में गड़बड़ी के कुल 4 मामले दर्ज किए गए हैं। एडीजी के अनुसार, 11 अगस्त 2026 को मुख्य आरोपी डॉ. उज्ज्वल राज और डॉ. रविशंकर को गिरफ्तार किया गया। डॉ. रविशंकर की भूमिका चार अलग-अलग मामलों में पाई गई है। आरोपियों की निशानदेही और पुलिस रिमांड के दौरान फर्जी एडमिट कार्ड, फर्जी जाति प्रमाण-पत्र, बैंक चेक, पासबुक, पहचान-पत्र, डिजिटल उपकरण और 2 लाख नकद बरामद किए गए हैं।


सिपाही भर्ती व TRE-3 में डॉक्टर मनीष समेत 296 गिरफ्तार 

केंद्रीय सिपाही चयन पर्षद भर्ती मामले (कंकड़बाग थाना) में अग्निशमन विभाग के चालक सिपाही जन्मेजय तिवारी (विदेशी/विजय तिवारी) को 3 जुलाई को दबोचा गया, जिसने अभ्यर्थियों को आंसर शीट उपलब्ध कराई थी। वहीं, शिक्षक बहाली (TRE-3) परीक्षा धांधली में NMCH से पासआउट डॉ. मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया है, जिसने हजारीबाग केंद्र पर 30 अभ्यर्थियों को प्रश्न-पत्र रटवाया था। TRE-3 मामले में EOU अब तक कुल 296 आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।


गृह रक्षा वाहिनी व बीपीएसएससी परीक्षा मामले में 6 आरोपी पूर्णिया से दबोचे गए 

गृह रक्षा वाहिनी परीक्षा में हुई धांधली के सिलसिले में पूर्णिया जिले से 6 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इसके अलावा, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल तीन मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें राम समदर्शी उर्फ राजा और नीतीश कुमार को 30 जुलाई को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया।


जांच एजेंसी का कड़ा संदेश: किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा 

आर्थिक अपराध इकाई के एडीजी ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता भंग करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा। EOU की टीमें लगातार फॉरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के दायरे को बढ़ाते हुए स्पीडी ट्रायल के जरिए सभी नामजद अभियुक्तों को कठोर सजा दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है।


अनिल की रिपोर्ट