Bihar Politics : जातिसूचक अपमान और घृणा फैलाने वालों पर हो समान रूप से कठोर कार्रवाई : डॉ. संतोष कुमार सुमन

Bihar Politics : हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि जाति के आधार पर अपमान और घृणा का सबसे बड़ा दर्द अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज ने सदियों तक झेला है......पढ़िए आगे

घृणा फैलाने वालों पर कार्रवाई - फोटो : SOCIAL MEDIA

PATNA : बिहार सरकार के लघु जल संसाधन मंत्री और हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर अपमान और घृणा का सबसे बड़ा दर्द अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समाज ने सदियों तक झेला है। यही वजह है कि हमारे लिए सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक अटूट संकल्प है।

डॉ. सुमन ने आधुनिक दौर में बढ़ रहे भाषाई प्रदूषण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज चाहे सोशल मीडिया का मंच हो या फिर हमारा सार्वजनिक जीवन, किसी भी व्यक्ति या समाज के खिलाफ जातिसूचक गालियों और अपमानजनक भाषा का प्रयोग पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी एक जाति या वर्ग का अपमान अंततः पूरे समाज की सुख-शांति, सौहार्द और भाईचारे पर एक सीधा हमला है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

कानून व्यवस्था और समानता की वकालत करते हुए हम प्रमुख ने कहा कि देश में कानून का भय और संविधान का सम्मान सभी नागरिकों के लिए एक समान होना चाहिए। समाज में जाति के नाम पर नफरत का जहर घोलने वाले और सामाजिक वैमनस्य पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ बिना किसी राजनीतिक या सामाजिक भेदभाव के अत्यंत कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने अंत में एक सशक्त राष्ट्र की परिकल्पना को सामने रखते हुए कहा कि केवल सामाजिक समरसता, आपस में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और संवैधानिक मूल्यों के मार्ग पर अडिग रहकर ही एक सशक्त, न्यायपूर्ण, प्रगतिशील और विकसित भारत का निर्माण संभव है। इसके लिए समाज के हर तबके को आगे आना होगा।