पूर्वी भारत की बिजली व्यवस्था होगी और भी 'पावरफुल': ERPC अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने संभाली कमान, अब साइबर हमलों से भी सुरक्षित रहेगा हमारा पावर ग्रिड

ERPC अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने पूर्वी क्षेत्रीय ग्रिड के सुरक्षित संचालन और साइबर सुरक्षा की समीक्षा की। बिहार, उड़ीसा और बंगाल की बिजली कंपनियों के साथ ग्रिड अनुशासन पर हुई चर्चा।

Patna -: पूर्वी भारत के करोड़ों उपभोक्ताओं को निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पूर्वी क्षेत्रीय विद्युत समिति (ERPC) के नवनियुक्त अध्यक्ष और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के CMD, मनोज कुमार सिंह (IAS) ने पदभार संभालते ही ग्रिड संचालन की सुरक्षा और दक्षता को लेकर हाई-लेवल समीक्षा की है । वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में न केवल बिजली की आपूर्ति, बल्कि भविष्य के डिजिटल खतरों यानी साइबर सुरक्षा (Cyber Security) पर भी एक अभेद्य किला तैयार करने की रणनीति बनाई गई है।

ग्रिड सुरक्षा पर 'जीरो टॉलरेंस': अब पलक झपकते ही पकड़ी जाएगी गड़बड़ी

बैठक के दौरान ग्रिड अनुशासन और संचालन दक्षता को लेकर नए कड़े प्रोटोकॉल (IEGC 2023) पर चर्चा की गई। ERPC के सदस्य सचिव ने बताया कि अब ग्रिड की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट और सिस्टम स्टडी की जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि ग्रिड में होने वाली किसी भी तकनीकी खामी या बाहरी हस्तक्षेप (जैसे हैकिंग या साइबर हमला) का पता तुरंत लग जाएगा और बिजली गुल होने जैसी समस्याओं से बचा जा सकेगा।

चार राज्यों की महाशक्ति: एक मंच पर आईं बिजली कंपनियां


ERPC एक ऐसा विशाल मंच है जहाँ बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम की सभी बिजली कंपनियां एक साथ मिलकर काम करती हैं। इसमें एनटीपीसी (NTPC), एनएचपीसी (NHPC), पावर ग्रिड और डीवीसी (DVC) जैसे दिग्गज संस्थान भी शामिल हैं। इन सभी के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए तकनीकी, वाणिज्यिक और आईटी सुरक्षा से जुड़ी समितियां अब और भी सक्रियता से काम करेंगी ताकि उपभोक्ताओं को सस्ती और निरंतर बिजली मिल सके।

अनुभवी नेतृत्व से बढ़ी उम्मीदें

अध्यक्ष-सह-CMD श्री मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि ERPC का लक्ष्य पूर्वी क्षेत्र की विद्युत प्रणाली को देश में सबसे विश्वसनीय और सुरक्षित बनाना है। बैठक में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एजेंसियों के सहयोग से ग्रिड की क्षमता को और सुदृढ़ किया जा रहा है। सदस्य सचिव ने भी विश्वास जताया कि श्री सिंह के नेतृत्व में पूर्वी भारत का पावर सेक्टर एक नए युग में प्रवेश करेगा।

वरिष्ठ अधिकारियों का जमावड़ा

इस महत्वपूर्ण डिजिटल मंथन में बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (BSPTCL) के प्रबंध निदेशक  राहुल कुमार सहित बिजली विभाग के कई अन्य आला अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि कैसे आधुनिकतम तकनीक और 'स्काडा' (SCADA) सिस्टम का इस्तेमाल कर बिजली की छीजत को कम किया जाए और ग्रिड को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए।