अत्यधिक पसीना शरीर में सोडियम की कमी का बड़ा कारण, केवल सादा पानी पीना पर्याप्त नहीं: डॉ. दिवाकर तेजस्वी

“वॉक फॉर लाइफ” कार्यक्रम में डॉ. दिवाकर तेजस्वी- फोटो : रोहित

Patna : बिहार की राजधानी पटना सहित पूरे प्रदेश में जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच स्वास्थ्य को लेकर बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। वरिष्ठ चिकित्सक एवं ‘पहल’ के चिकित्सा निदेशक डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने आम जनमानस को आगाह करते हुए कहा है कि अत्यधिक पसीना आने से शरीर में सोडियम और अन्य महत्वपूर्ण इलेक्ट्रोलाइट्स की भारी कमी हो सकती है। शरीर में होने वाली यह कमी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है, जिसे लोग अक्सर सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।


उच्च रक्तचाप, मधुमेह के मरीजों और बुजुर्गों में जोखिम अधिक

यह महत्वपूर्ण जानकारी डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने फ्रेजर रोड स्थित नाबार्ड (NABARD) के मुख्य कार्यालय में आयोजित “वॉक फॉर लाइफ” कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने विस्तार से समझाते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), रक्त का गाढ़ापन बढ़ना और ब्लड प्रेशर में लगातार होने वाले उतार-चढ़ाव के कारण स्ट्रोक (Brain Stroke) का खतरा काफी बढ़ जाता है। विशेष रूप से उच्च रक्तचाप (High BP), मधुमेह (Diabetes), हृदय रोग से पीड़ित मरीजों और बुजुर्ग लोगों में यह जोखिम अन्य की तुलना में काफी ज्यादा रहता है।


कमजोरी, चक्कर आना और मांसपेशियों में ऐंठन हैं इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के लक्षण

डॉ. तेजस्वी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इस जानलेवा मौसम में केवल सादा पानी अधिक मात्रा में पीना ही शरीर के लिए पर्याप्त नहीं है। पानी के साथ-साथ शरीर में नमक और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का संतुलन बिगड़ता है, तो इंसान को अत्यधिक कमजोरी, चक्कर आना, शारीरिक थकान, मांसपेशियों में तेज ऐंठन, भ्रम की स्थिति (Confusion) पैदा होने लगती है और अत्यंत गंभीर मामलों में मरीज बेहोश तक हो सकता है।


नियमित अंतराल पर ओआरएस, नींबू पानी और नारियल पानी पीने की सलाह

बचाव के उपायों पर चर्चा करते हुए डॉ. दिवाकर तेजस्वी ने लोगों को सलाह दी कि वे दिनभर नियमित अंतराल पर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। इसके अलावा शरीर में लवण की मात्रा बनाए रखने के लिए ओआरएस (ORS) घोल, नींबू पानी, नारियल पानी सहित अन्य पौष्टिक तरल पदार्थों का सेवन नियमित रूप से करें। उन्होंने लोगों से अपील की कि दोपहर की तेज धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें, खान-पान में तब्दीली लाते हुए हल्का एवं सुपाच्य संतुलित भोजन करें और अपने ब्लड प्रेशर तथा शुगर लेवल को लगातार नियंत्रित रखें।


इन गंभीर लक्षणों को कतई न करें नजरअंदाज, तुरंत लें चिकित्सकीय परामर्श

डॉक्टर तेजस्वी ने नाबार्ड के अधिकारियों और आम जनता से विशेष अपील की है कि वे शरीर में होने वाले किसी भी अस्वाभाविक बदलाव को हल्के में न लें। यदि अचानक चक्कर आना, शरीर में अप्रत्याशित कमजोरी महसूस होना, बोलने में लड़खड़ाहट या परेशानी होना, अथवा चेहरे, हाथ और पैर में अचानक सुन्नपन आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे कतई नजरअंदाज न करें। ये लक्षण किसी गंभीर आपातकाल या स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं, ऐसी स्थिति में बिना समय गंवाए तुरंत नजदीकी अस्पताल जाकर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।


रोहित की रिपोर्ट