हम कलाकार हैं हमें राजनीति के चक्कर में न घसीटें, महंगाई की मार झेल रहे गरीबों की मदद करें सक्षम लोग: खेसारी लाल यादव

Bihar News : अभिनेता से नेता बने खेसारी लाल यादव ने राजनीति से तौबा कर ली है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वे एक कलाकार है और उन्हें कलाकार ही रहने दे। उन्हें राजनीति के चक्कर में न घसीटें....

हम कलाकार हैं हमें राजनीति के चक्कर में न घसीटें, महंगाई की
खेसारी लाल यादव - फोटो : रणजीत कुमार

Patna : भोजपुरी सिनेमा के शीर्ष अभिनेता और गायक से नेता बने खेसारी लाल यादव ने आज मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह मूल रूप से एक कलाकार हैं और उन्हें राजनीति के चक्कर में न घसीटा जाए। खेसारी ने कहा कि अगर मीडिया को बात करनी है, तो उनके संगीत और कला पर करे, जिस पर वह बेहतर बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग स्थितियों को अपने-अपने हिसाब से मोड़कर बयानबाजी करते हैं, लेकिन एक कलाकार के लिए केवल वही व्यक्ति महत्वपूर्ण होता है जिससे उसका भावनात्मक जुड़ाव और प्यार हो।


बढ़ती महंगाई के बीच सिनेमा रिलीज करने पर जताई चिंता, जनता के बजट का किया समर्थन

देश और राज्य में पैर पसार रही आर्थिक चुनौतियों और महंगाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए खेसारी लाल यादव ने कहा कि आज के समय में घरेलू गैस से लेकर आम लोगों का आना-जाना (परिवहन) तक बेहद महंगा हो गया है। ऐसी विकट स्थिति में सिनेमा हॉल में नई फिल्में रिलीज करना और दर्शकों से टिकट खरीदने की उम्मीद करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में हर आदमी सबसे पहले अपने परिवार का बजट बचाने की कोशिश कर रहा है। आगे स्थितियां कैसी होंगी, इसका सटीक अंदाजा किसी को नहीं है, इसलिए हर परिवार को अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उत्तरजीविता (जिंदा रहने) के लिए अपने खर्चों में संतुलन बनाना ही पड़ेगा।


भारतीय समाज की बचत परंपरा की सराहना, कहा—10रु कमाकर भी भविष्य संवारते हैं लोग

खेसारी लाल यादव ने भारतीय परिवारों की प्रबंधकीय कुशलता की तारीफ करते हुए कहा कि भारत की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि हम अपने बजट को संभाल कर रखते हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि हमारे यहां लोग अगर दस रुपये कमाते हैं, तो उसमें से भी बचत करते हैं ताकि बच्चों के भविष्य के लिए मेहनत को सार्थक किया जा सके। हाल ही में तीन-चार राज्यों में हुए चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि महंगाई उस समय भी वैसी ही थी, लेकिन नेताओं की अपनी राजनीति होती है। उन्होंने कहा कि मध्यम और उच्च वर्ग जैसे-तैसे संभाल लेता है, लेकिन असली परेशानी उस गरीब तबके को है जिसके पास जीवन यापन के बुनियादी साधन तक नहीं हैं।


बिहार और बॉलीवुड के कलाकारों सहित उद्योगपतियों से चंदा इकट्ठा करने की भावुक अपील

बिहार और देश की आर्थिक असमानता को पाटने के लिए खेसारी लाल यादव ने एक अनूठा और व्यावहारिक प्रस्ताव मीडिया के सामने रखा। उन्होंने बिहार और बॉलीवुड के तमाम कलाकारों, चाहे वे महिला हों या पुरुष, और देश के बड़े उद्योगपतियों से एक बड़ी अपील की। खेसारी ने कहा कि देश में कम से कम दो से पांच हजार नामचीन और समृद्ध कलाकार मौजूद हैं। इन सभी सक्षम लोगों को देशहित में आगे आना चाहिए और अपनी क्षमता के अनुसार कम से कम 50 लाख रुपये का योगदान देना चाहिए। इस एकत्रित धन से एक बड़ा सहायता कोष बनाया जा सकता है।


मजबूरियों को कोसने से बेहतर, सीधे गरीब तबके तक पहुंचाई जाए आर्थिक मदद

अपनी बातचीत को विराम देते हुए इस अभिनेता-राजनेता ने कहा कि सरकार द्वारा हर चीज को महंगा करने या व्यवस्था की मजबूरियों को कोसने से अच्छा है कि हम खुद जिम्मेदारी उठाएं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हम सबने जो कुछ भी नाम और पैसा कमाया है, वह अपने ही देश के लोगों और इसी जनता की बदौलत कमाया है। इसलिए आज जब आम लोग परेशान हैं, तो उनसे कमाए धन से चंदा लेकर सीधे तौर पर समाज के सबसे निचले और गरीब तत्वों तक मदद पहुंचाई जानी चाहिए। यह कदम उन मजबूर लोगों को संबल देगा जिनके पास न तो साइकिल की व्यवस्था है और न ही तेल-गैस खरीदने के पैसे।


रणजीत की रिपोर्ट