महिला शिक्षकों का गृह जिले में होगा स्थानांतरण ! विधान परिषद में राबड़ी देवी की मांग पर बड़ा ऐलान, 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश
नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले में स्थानांतरण करने की मांग उठाई। कहा कि महिला शिक्षकों का तबादला दूर-दराज जिलों में होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Bihar Vidhan Parishad : बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को महिला शिक्षकों के तबादले और अवकाश से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले में स्थानांतरण करने की जोरदार मांग उठाई। राबड़ी देवी ने कहा कि महिला शिक्षकों का तबादला दूर-दराज जिलों में होने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से आग्रह किया कि सभी महिला शिक्षकों को उनके गृह जिला में ट्रांसफर किया जाए। इस पर शिक्षा मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि महिला शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश का मुद्दा
सदन में महिला कर्मियों को 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश देने का मुद्दा भी उठा। बताया गया कि राज्यपाल सचिवालय की अनुशंसा के बावजूद शिक्षा विभाग में अब तक इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। माले एमएलसी संजय कुमार सिंह ने सभी शिक्षकों को 730 दिनों का शिशु देखभाल अवकाश देने की मांग की।
इस पर शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार इस मामले पर गंभीर है और अगले 15 दिनों के भीतर इस पर फैसला ले लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महिला शिक्षकों को शिशु देखभाल अवकाश देने के मुद्दे पर शीघ्र निर्णय होगा।
मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन पर बड़ा फैसला
वहीं राजद के डॉ. सुनील कुमार सिंह ने मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन भुगतान का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए बताया कि इस संबंध में नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब महिला शिक्षकों को मातृत्व अवकाश के दौरान हर महीने नियमित वेतन मिलेगा। पहले मातृत्व अवकाश समाप्त होने के बाद वेतन का भुगतान किया जाता था। मंत्री ने स्पष्ट किया कि मातृत्व अवकाश के साथ चिकित्सा अवकाश सहित अन्य देय भुगतान भी समय पर किए जाएंगे।
अभिजीत की रिपोर्ट